फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार की दिलेरी ने 174 यात्रियों की जान बचा ली. साथी को-पायलट के चाकू से हमले के बावजूद उन्होंने डटकर मुकाबला लिया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर को-पायलट की विमान को क्रैश कराने की साजिश पर पानी फेर दिया. न सिर्फ इजरायल-भारत बल्कि दुनिया के तमाम देश भारतीय पायलट की दिलेरी की दाद दे रहे हैं.
वहीं, हमलावर को-पायलट ओमान का नागरिक है. अब शक गहरा गया है कि क्या यह ओमान का इजरायल से बदला लेने की साजिश थी. वह इसलिए क्योंकि ओमानी पायलट के पास दोहरी नागरिकता होने का दावा किया गया है. विमान में करीब 150 यहूदी यात्री सवार थे, इसलिए शक गहरा गया है कि क्या यह 7 अक्टूबर दोहराने की साजिश थी. दरअसल, ओमान और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं. ओमान इजरायल को मान्यता नहीं देता. उसका कहना है कि एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के बाद ही वह यहूदी देश को मान्यता देगा. हाल ही में जब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देने गए थे, तब 77 देशों ने वॉकआउट कर दिया था. इनमें ओमान भी शामिल था. अब इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
सऊदी अधिकारियों ने ओमान के को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया है. उसने विमान को दो मिनट से भी कम समय में लगभग 17,400 फीट नीचे गिरा दिया था. हालांकि, यात्रियों और क्रू सदस्यों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में किया और विमान को संभालने में मदद की. फ्लाइट का रास्ता बदला गया और उसे उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक रीजनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. इजरायल रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस घटना को सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर घटना और संभावित आतंकवादी हमला बताया.
दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को क्रैश करने की को-पायलट की नाकाम कोशिश के पीछे क्या वजह थी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी. अधिकारियों की ओर से हमलावर पायलट के मकसद के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन जब फॉक्स न्यूज ने पूछा कि क्या इसमें ईरान की कोई भूमिका होने का संकेत है, तो नेतन्याहू ने जवाब दिया, 'यह कहना अभी जल्दबाजी होगी.'
उन्होंने कहा कि हमलावर से सऊदी अरब में पूछताछ की जा रही है. नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हमलावर को संयुक्त अरब अमीरात ले जाया जाएगा, जहां से विमान ने उड़ान भरी थी. नेतन्याहू ने आगे कहा, 'हम इस जांच पर नजर रखेंगे और हो सकता है कि इसमें शामिल भी हों.'
उन्होंने CNN को बताया कि इजरायल के पास इस घटना के बारे में कोई चेतावनी या इंटेलिजेंस या मौजूद नहीं था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने घटना के बाद बेंजामिन नेतन्याहू से बात की और ऐसा लग रहा था कि हमलावर शायद एक आतंकवादी था या हमले के पीछे कोई और वजह थी.