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'जंग की वजह से हारे, यह बात अपने बॉस को क्यों नहीं बताते...' वेंस को गालिबाफ की दो टूक, बोले- ट्रंप तो फिर हमले की तैयारी में हैं

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माना है कि उनकी पार्टी को मिड-टर्म चुनाव में ईरान जंग की वजह से हार का सामना करना पड़ा है. उनके बयान पर अब कालिबाफ ने भी तंज कसा है.

Written By Tahir Kamran
Published: Nov 05, 2026, 09:07 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 09:32 PM IST
Image Credit: Ai की मदद से बनाई गई तस्वीर
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अमेरिका के मिड-टर्म चुनाव में करारी हार के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि हार का सबसे बड़ा कारण ईरान के साथ जंग है. उनके इस बयान के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने वेंस को सलाह दी है कि यही बात अपने बॉस (डोनाल्ड ट्रंप) से भी कहें, जो फिर से ईरान पर हमलों की योजना बना रहे हैं.

गालिबफ ने आगे कहा,'बॉस अगले युद्ध चरण की तैयारी कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इजरायल-फर्स्ट नीति के कगार पर खड़ा है. टॉक को छोड़िए, क्यों न सीधे अपने बॉस से यह बात कहें?' यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की तरफ ईरान पर अमेरिका-इजरायल जंग के प्रति अपनाए गए नजरिये की तरफ इशारा करती है. गालिबाफ के पोस्ट में 'इजरायल फर्स्ट' की टिप्पणी इस तरफ इशारा करती है कि ट्रंप अमेरिकी लोगों के हितों के साथ समझौता करके इजरायल के मंसूबों को पूरा करने लगे हुए हैं.

जेडी वेस ने हार के बाद क्या कहा था?

इससे पहले जेडी वेंस ने X पर एक लंबा-चौड़ा करते हुए लिखा,'2024 में ट्रंप-वेंस को वोट देने वाले कई मतदाताओं ने 2026 के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन किया. वेंस के मुताबिक, मतदाता मतदान के लिए तो पहुंचे, लेकिन पार्टी की नीतियों से नाराज थे. उन्होंने एक सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि नाराज मतदाताओं की चार प्रमुख मांगें थीं. ईरान युद्ध खत्म किया जाए, महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत पर ध्यान दिया जाए, 'अमेरिका फर्स्ट' नीति अपनाई जाए और इजरायल के साथ अमेरिका के रिश्तों में बदलाव किया जाए. उन्होंने यह भी माना कि चुनाव के आखिरी दौर में रिपब्लिकन पार्टी आर्थिक मुद्दों पर अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख सकी.'

वेंस ने कहा,'आने वाले दिनों में पार्टी की हार को लेकर कई तरह की दलीलें दी जाएंगी, लेकिन असली वजह युद्ध है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अगले छह साल तक सीनेट गंवाना ईरान युद्ध की उचित कीमत थी? पोस्ट के आखिर में उन्होंने नाराज रिपब्लिकन समर्थकों से अपनी ऊर्जा पार्टी को फिर से मजबूत करने और देश को बचाने के काम में लगाने की अपील की.'

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों 'सीनेट' और 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' में बहुमत हासिल कर लिया है. इसे ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के खिलाफ जनता का बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.

1. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (कुल 435 सीटें)

पार्टीपहलेअबबदलाव
डेमोक्रेटिक पार्टी210240+30 सीटें
रिपब्लिकन पार्टी177147-30 सीटें

बहुमत के लिए जरूरी सीटें: 218

2. सीनेट (कुल 100 सीटें)

पार्टीपहलेअबबदलाव
डेमोक्रेट्स और सहयोगी निर्दलीय4754+7 सीटें
रिपब्लिकन पार्टी5344-9 सीटें

बहुमत के लिए जरूरी सीटें: 50 (उपराष्ट्रपति के मत से 51 की जरूरत नहीं पड़ सकती).

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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