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गाजीपुर की कलयुगी मां: 3 बच्चों को चाय में जहर देकर उतारा मौत के घाट, कोर्ट ने सुनाया उम्र कैद की सजा

चार साल पुराने तीन बच्चों को चाय में जहर देकर मौत के घाट उतारने वाले केस में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बच्चों की मां को ही दोषी ही ठहराया है.

गाजीपुर की कलयुगी मां: 3 बच्चों को चाय में जहर देकर उतारा मौत के घाट, कोर्ट ने सुनाया उम्र कैद की सजा
Image Credit: Z Creative (AI Image)

गाजीपुर में मां और बच्चों के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाले एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अपने ही तीन मासूम बच्चों को चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाने की दोषी सुनीता देवी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने अपने फैसले में मां के रिश्ते की गरिमा और बच्चों के भरोसे का जिक्र करते हुए इस अपराध को पूरी मानव सभ्यता को शर्मसार करने वाला बताया है.

25 अगस्त 2022 का मामला  

शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने बताया कि मामला 15 अगस्त 2022 का है. थाना सुहवल क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अभियुक्ता सुनीता देवी की शादी रेवतीपुर के सईताबाद निवासी बालेश्वर यादव से हुई थी. घटना से करीब एक महीने पहले वह अपने मायके ढढ़नी भानमल राय आ गई थी. उसके चार बच्चे थे, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी शामिल थी. बताया गया कि घटना वाले दिन सुनीता देवी ने चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर अपने तीन बच्चों को पिला दिया. संयोगवश उसका सबसे छोटा बेटा दिव्यांशु उस समय अपनी नानी के साथ चला गया था, जबकि हिमांशु, प्रियांशु और सुप्रिया जहरीली चाय की चपेट में आ गए. इस घटना में हिमांशु और प्रियांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुप्रिया ने वाराणसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को पेश किया गया. गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्ता सुनीता देवी को दोषी करार दिया.

कोर्ट ने अहम टिप्पणी की  

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश गाजीपुर शक्ति सिंह की अदालत ने स्टेट बनाम सुनीता देवी, धारा 302 आईपीसी, थाना सुहवल के मुकदमे में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. अदालत ने अपने फैसले में बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय समाज व्यवस्था में मां का स्थान बच्चों के लिए ईश्वर के समान माना जाता है. बच्चे अपने परिवार में सबसे ज्यादा भरोसा और सुरक्षा अपनी मां से महसूस करते हैं. ऐसे में जिस मां ने नौ महीने अपनी कोख में रखकर बच्चों को जन्म दिया, उसी के द्वारा उनके प्रति इतनी क्रूरता न केवल मां-बच्चों के रिश्ते, बल्कि पूरी मानव सभ्यता को शर्मसार करने वाली है.

सात गवाह पेश किए  

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और सात गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है. सजा सुनाए जाने के दौरान अभियुक्ता की ओर से कोई विशेष प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दी.

(गाजीपुर से आलोक त्रिपाठी की रिपोर्ट)

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Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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