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अमेरिका के मिड-टर्म चुनाव में करारी हार के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि हार का सबसे बड़ा कारण ईरान के साथ जंग है. उनके इस बयान के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने वेंस को सलाह दी है कि यही बात अपने बॉस (डोनाल्ड ट्रंप) से भी कहें, जो फिर से ईरान पर हमलों की योजना बना रहे हैं.
गालिबफ ने आगे कहा,'बॉस अगले युद्ध चरण की तैयारी कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इजरायल-फर्स्ट नीति के कगार पर खड़ा है. टॉक को छोड़िए, क्यों न सीधे अपने बॉस से यह बात कहें?' यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की तरफ ईरान पर अमेरिका-इजरायल जंग के प्रति अपनाए गए नजरिये की तरफ इशारा करती है. गालिबाफ के पोस्ट में 'इजरायल फर्स्ट' की टिप्पणी इस तरफ इशारा करती है कि ट्रंप अमेरिकी लोगों के हितों के साथ समझौता करके इजरायल के मंसूबों को पूरा करने लगे हुए हैं.
Losing gambler energy, can't walk away from the table. Boss is prepping the next war phase while America teeters on an Israel-First cliff. Skip the TED talk. Why not say this to your boss?
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) November 5, 2026
इससे पहले जेडी वेंस ने X पर एक लंबा-चौड़ा करते हुए लिखा,'2024 में ट्रंप-वेंस को वोट देने वाले कई मतदाताओं ने 2026 के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन किया. वेंस के मुताबिक, मतदाता मतदान के लिए तो पहुंचे, लेकिन पार्टी की नीतियों से नाराज थे. उन्होंने एक सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि नाराज मतदाताओं की चार प्रमुख मांगें थीं. ईरान युद्ध खत्म किया जाए, महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत पर ध्यान दिया जाए, 'अमेरिका फर्स्ट' नीति अपनाई जाए और इजरायल के साथ अमेरिका के रिश्तों में बदलाव किया जाए. उन्होंने यह भी माना कि चुनाव के आखिरी दौर में रिपब्लिकन पार्टी आर्थिक मुद्दों पर अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख सकी.'
वेंस ने कहा,'आने वाले दिनों में पार्टी की हार को लेकर कई तरह की दलीलें दी जाएंगी, लेकिन असली वजह युद्ध है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अगले छह साल तक सीनेट गंवाना ईरान युद्ध की उचित कीमत थी? पोस्ट के आखिर में उन्होंने नाराज रिपब्लिकन समर्थकों से अपनी ऊर्जा पार्टी को फिर से मजबूत करने और देश को बचाने के काम में लगाने की अपील की.'
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों 'सीनेट' और 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' में बहुमत हासिल कर लिया है. इसे ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के खिलाफ जनता का बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.
| पार्टी | पहले | अब | बदलाव |
|---|---|---|---|
| डेमोक्रेटिक पार्टी | 210 | 240 | +30 सीटें |
| रिपब्लिकन पार्टी | 177 | 147 | -30 सीटें |
बहुमत के लिए जरूरी सीटें: 218
| पार्टी | पहले | अब | बदलाव |
|---|---|---|---|
| डेमोक्रेट्स और सहयोगी निर्दलीय | 47 | 54 | +7 सीटें |
| रिपब्लिकन पार्टी | 53 | 44 | -9 सीटें |
बहुमत के लिए जरूरी सीटें: 50 (उपराष्ट्रपति के मत से 51 की जरूरत नहीं पड़ सकती).