हाथ कट गए, मगर हौसला नहीं टूटा... ईरान ने ‘शोले’ के ठाकुर में देखी अपनी लड़ाई, UN को दिखाई बेबसी की तस्वीर
अमेरिका के साथ जंग लड़ने के दौरान ईरान ने सोशल मीडिया का जबरदस्त इस्तेमाल किया है. अब एक बार फिर उसने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल फिल्मों में से एक 'शोले' के किरदार में खुद को महसूस किया है.
पाकिस्तान की सेना का अफसर रह चुका शख्स आतंकवादी बन जाता है. कश्मीर में घुसपैठ करता है. यहां पहलगाम जैसे आतंकी हमले कराता है. लेकिन दुनिया को ये सब नहीं दिखता. संयुक्त राष्ट्र को भी नहीं दिखता. अब अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान ईरान के हैदराबाद स्थित कॉन्सुलेट ने संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसा है. इसके लिए हिंदी सिनेमा की सुपरहिट फिल्म 'शोले' के मशहूर किरदार ठाकुर बलदेव सिंह का सहारा लिया गया है.
ईरान ने UN पर कसा तंज, ठाकुर की तस्वीर का इस्तेमाल
ईरानी कॉन्सुलेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक मीम शेयर किया है. इसमें एक तरफ हॉलीवुड की मार्वल फिल्म के काल्पनिक सुपरहीरो और न्यूरोसर्जन डॉक्टर स्ट्रेंज की कई भुजाओं वाली तस्वीर दिखाई गई है. इसके नीचे लिखा है, 'स्कूल की किताबों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र'. इसके ठीक सामने बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म 'शोले' के ठाकुर बलदेव सिंह की तस्वीर है, जिनका किरदार संजीव कुमार ने निभाया था. इस तस्वीर के साथ लिखा गया है, 'हकीकत में संयुक्त राष्ट्र'.
कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों पर भारी पड़ती है. ईरानी कॉन्सुलेट ने संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसने के लिए वर्ष 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'शोले' के इसी मशहूर किरदार का इस्तेमाल किया. फिल्म में ठाकुर बलदेव सिंह के दोनों हाथ विलेन गब्बर सिंह काट देता है. इसके बाद ठाकुर गब्बर सिंह से बदला लेने के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं. यानी वह लाचार नजर आते हैं. ईरान ने इसी मीम के जरिए संयुक्त राष्ट्र को एक लाचार संस्था के तौर पर पेश करने की कोशिश की है.
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच UN पर निशाना
इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. ईरान संयुक्त राष्ट्र के मंच से अमेरिका और इजरायल पर जबरन युद्ध थोपने और बच्चों की हत्या का आरोप लगा रहा है. संयुक्त राष्ट्र भी लगातार तनाव कम करने की अपील कर रहा है. हालांकि, ईरान का आरोप है कि कोई देश संयुक्त राष्ट्र की अपील पर ध्यान नहीं दे रहा है. इसी वजह से ईरानी कॉन्सुलेट ने ठाकुर के कटे हाथ वाली तस्वीर के जरिए संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर तंज कसा.
ठाकुर के हाथ कटे थे, लेकिन कहानी का अंत कुछ और था
हालांकि, ईरान ने ठाकुर के कटे हाथ वाली तस्वीर के जरिए संयुक्त राष्ट्र को लाचार बताया, लेकिन शायद ईरानी राजनयिकों ने 'शोले' फिल्म का क्लाइमेक्स नहीं देखा था. फिल्म के क्लाइमेक्स में ठाकुर बलदेव सिंह कटे हाथों के बावजूद गब्बर सिंह से बदला लेने में सफल होते हैं. बाद में ईरान के कॉन्सुलेट ने भी इस पहलू को स्पष्ट करते हुए एक नया ट्वीट किया. इसमें कहा गया कि हालांकि ठाकुर के दोनों हाथ नहीं थे, लेकिन खलनायकों को रोकने का उनका संकल्प अटूट था.
बाहुबली के जरिए भी अमेरिका को दिया था संदेश
इससे पहले ईरानी कॉन्सुलेट ने भारत की एक और सुपरहिट फिल्म 'बाहुबली' के जरिए भी अमेरिका को संदेश दिया था. इस पोस्ट में कहा गया कि ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि ईरान कभी अपना सिर नहीं झुकाएगा और न ही किसी के सामने घुटने टेकेगा.
ईरानी कॉन्सुलेट के पोस्ट में आगे कहा गया कि जिस तरह बाहुबली ने कालकेय के खिलाफ खड़े होकर मुकाबला किया, उसी तरह ईरान भी अपनी मातृभूमि के लिए बलिदान देते हुए अपना खून बहाएगा. ईरान ने पहले 'बाहुबली' और फिर 'शोले' का इस्तेमाल किया. यानी अमेरिका के खिलाफ अपने संदेश और मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए ईरान ने भारतीय फिल्मों के लोकप्रिय किरदारों का सहारा लेना शुरू कर दिया है.