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ट्रंप की ट्रोलिंग पर 'साउथ' का तड़का, ईरान के पैंतरे से अमेरिका हक्का-बक्का, इंटरनेट पर छाया वीडियो

संयुक्त राष्ट्र में पेजेशकियान ने एक तरफ अमेरिका को खरी-खरी सुनाई तो दूसरी ओर जिम्बाब्वे स्थित दूतावास ने एक भारतीय फिल्म की क्लिप चलाकर डोनाल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाया है.

Written By Rachit Kumar
Published: Sep 24, 2026, 11:00 AM IST | Updated: Sep 24, 2026, 01:27 PM IST
Image Credit: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की धमकी दी है. दूसरी ओर, ईरान ने ट्रंप का मजाक उड़ाया है.
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एक तरफ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी धरती पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जमकर हमला बोला. 7 महीने से चल रहे तनाव को लेकर पेजेशकियान ने पानी पी-पीकर अमेरिका को जमकर कोसा. वहीं, दूसरी ओर जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास ने ट्रंप का मजाक उड़ाने के लिए तेलुगु एक्शन फिल्म की क्लिप का इस्तेमाल किया है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लाचार नहीं है.

मीम्स के जरिए मजाक उड़ाने वाला ट्रेंड जारी रखते हुए, दूतावास ने ट्रंप प्रशासन पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वे हॉलीवुड के बजाय भारतीय फिल्में देख रहे हैं. दूतावास ने पोस्ट में कहा, 'ट्रंप ईरान को खत्म करने की बात करते हैं. लेकिन उन्हें पता है कि ईरान बेबस नहीं है. हमें पता चला है कि वे हाल ही में हॉलीवुड के बजाय बॉलीवुड फिल्में देख रहे हैं.'

क्लिप में क्या है?

58 सेकंड की इस क्लिप में तेलुगु एक्टर नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म 'भगवंत केसरी' का एक सीन है, जिसमें राइफल, दंगा-रोधी ढाल और दूसरे हथियारों से लैस लोगों के दो गुटों के बीच जबरदस्त टकराव दिखाया गया है.

 ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने भाषण के दौरान ईरान को 'खत्म' करने की धमकी दी थी. सात महीने से चल रहे संघर्ष के बारे में एक बड़ा फैसला बताते हुए, ट्रंप ने कहा कि वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या ऐसी डील की जाए जिससे ईरान फिर से खड़ा हो सके, या फिर इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म कर दिया जाए और वह भी जल्द से जल्द.

 

UNGA को संबोधित करते हुए ट्रंप ने सवाल किया, 'मुझे एक बड़ा फैसला लेना है. क्या ईरान के साथ ऐसी डील की जाएगी जिससे वे फिर से खड़े हो सकें और पहले से कहीं ज्यादा बेहतर देश बना सकें शायद मिडिल ईस्ट या दुनिया के सबसे महान देशों में से एक?'

फिर उन्होंने आगे कहा, 'या फिर मैं इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म कर दूं और वह भी जल्द से जल्द, ताकि उन्हें कभी भी लोगों और देशों को मारने और बर्बाद करने का मौका न मिले?'

अमेरिका-ईरान के बीच हुई बातचीत

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान न्यूयॉर्क में हैं और उन्होंने यूएन महासभा को संबोधित किया. ईरान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत में अपना बातचीत का रुख बनाए रखा है. उन्होंने मांग की कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी खत्म करे और ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करे.

इस्माइल बघाई ने कहा कि UNGA के दौरान कतरी मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. UNGA के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ पहली बार सीधी बातचीत की. यह बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर लगभग सात महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ तो वे इस इस्लामिक देश को 'पूरी तरह खत्म' कर देंगे.

लंबे समय से एक-दूसरे के दुश्मन रहे इन देशों के बीच यह अचानक हुई मुलाकात तब हुई जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल सालाना UN बैठक के लिए न्यूयॉर्क पहुंचा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण के बाद कहा कि उनके मुख्य दूत, स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने दुनिया भर के नेताओं की सालाना बैठक के दौरान ईरानी अधिकारियों के साथ लगभग तीन घंटे तक बातचीत की.

ट्रंप ने कहा कि यह बहुत अच्छी बैठक थी और भविष्य में और बातचीत होने वाली है. बाद में उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारी सबसे ऊंचे स्तर के नहीं थे, लेकिन फिर भी यह कुछ तो है ही.'

ट्रंप पेजेशकियान से मिलने को तैयार

इससे पहले मंगलवार को सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मिलने को तैयार हैं, जो जनरल असेंबली के लिए न्यूयॉर्क में हैं. रुबियो ने NBC के टुडे शो में कहा, 'यह ऐसे राष्ट्रपति हैं, जो ज्यादातर किसी से भी मिलने को तैयार रहते हैं, क्योंकि उनका मानना ​​है कि अगर आप समस्याओं को हल करना चाहते हैं तो लोगों से बातचीत करना जरूरी है. इसका मतलब यह नहीं है कि आप अंत में उनसे सहमत ही होंगे, लेकिन यह जरूरी है.'

संयुक्त राष्ट्र के एक शुरुआती सदस्य के तौर पर, ईरान दशकों से इस वैश्विक कूटनीतिक मंच में हिस्सा लेता रहा है. हाल ही में पेजेशकियान और उससे पहले इब्राहिम रईसी ने इसका प्रतिनिधित्व किया था. हालांकि, न्यूयॉर्क में UNGA के लिए ईरान की मौजूदगी ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका इस इस्लामिक देश के साथ युद्ध की स्थिति में है, जो कि एक अभूतपूर्व घटना है.

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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