तेहरान का UN पर कटाक्ष: शोले के ठाकुर और डॉक्टर स्ट्रेंज... युद्ध के बीच ईरान ने की संयुक्त राष्ट्र की गजब किरकिरी; मीम देख नहीं रुकेगी हंसी
ईरान अमेरिका से केवल युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी जंग लड़ रहा है. तेहरान की ओर से पर यूएन पर निशाना साधा गया है. भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर मीम शेयर कर यूएन पर तंज कसा.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ते ही जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति प्रतिदिन ईरान को लेकर नए-नए दावे कर रहे हैं, तो ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. दोनों देशों के बीच शुरू हुआ यह युद्ध अब केवल हथियारों से नहीं लड़ा जा रहा है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसका सीधा मुकाबला नजर आ रहा है.
इस बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसा है. भारत में स्थित ईरानी दूतावास के सोशल मीडिया हैंडिल से इशारों ही इशारों में यूएन को निहत्था करार दिया गया. ईरान ने बड़े ही क्रिएटिव अंदाज से अपनी बातों को रखा है. ईरान के इस तरीके से सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा की जा रही है.
ईरान को याद आए शोले के ठाकुर
ईरानी दूतावास ने संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसने के लिए बॉलीवुड के एक मशहूर कैरेक्टर का सहारा लिया. ये कैरेक्टर है फिल्म शोले के ठाकुर का. ईरान ने एक मीम के तौर पर शोले के ठाकुर की तस्वीर को शेयर किया है और यह यह दर्शाने की कोशिश की है कि भले ही यूएन कागजों में ताकतवर हो, लेकिन हकीकत में उसकी एक नहीं चलती है.
मीम ने खींचा ध्यान
ईरानी दूतावास की ओर से मंगलावर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो तस्वीरें शेयर की गईं. इसमें पहली तस्वीर पर लिखा है, 'स्कूल की किताबों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र'. पहली तस्वीर मार्वल सुपर हीरो स्ट्रेंज की है, जिसमें कई हाथ दिखाए गए हैं. तो दूसरी तस्वीर 1975 में आई शोले फिल्म के ठाकुर की है, जिसके हाथ ही नहीं हैं. इसके साथ लिखा गया, 'असलियत में यूएन'. इसका मतलब है कि वास्तविकता में यूएन एक ऐसी संस्था है, जो पूरी तरीके से बेबस है.
यूएन पर तंज और टाइमिंग ने खींचा ध्यान
गौर करने वाली बात है कि ईरान ने यह मीम ऐसे समय पर शेयर किया है, जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र चल रहा है. हालांकि, वैश्विक संघर्षों के दौरान यूएन पूरी तरीके से बेबस नजर आ रहा है. ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान भी संयुक्त राष्ट्र बार-बार दोनों जगहों से तनाव कम करने और बातचीत की अपील करता रहा है. हालांकि, जमीमी हकीकत यही है कि वह जंग नहीं समाप्त करा पाया.
ईरान का तरीका हो गया है फेमस
बता दें कि आज के युवाओं में मीम का प्रचलन काफी बढ़ा है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए ईरान मीम्स का भरपूर इस्तेमाल करता है. दुनिया के अलग-अलग देशों में स्थित ईरानी दूतावास अपने सोशल मीडिया हैंडल से मीम के जरिए अमेरिका पर निशाना साधते रहे हैं. ईरान मीम की मदद से अपनी बात कहने का नया तरीका आजमा रहा है.
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