यूएस नेवी ने माना, ईरान ने खूब मारा, बहरीन बेस की जर्जर हालत पर अमेरिका भी हैरान
Iran Attack On US Military Base: ईरान ने पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान बहरीन स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर बुरी तर हमला किया था. इस हमले के बाद से सैन्य अड्डा बुरी तरह डैमेज हुआ. इसकी जर्जर हालत को लेकर खुद अमेरिका भी हैरान है.
USA Military Base Damage: पश्चिम एशिया के संघर्ष में भले ही अमेरिका पीछे न हटने की जिद्द पर अड़ा रहा, लेकिन अब उसने खुद भी माना है कि इस संघर्ष में तेहरान ने उसकी खूब पिटाई की है. बताया जा रहा है कि ईरान ने अपने हमलों में बहरीन स्थित अमेरिका के प्रमुख मिलिट्री बेस को काफी नुकसान पहुंचाया है.
अमेरिकी अखबार 'द हिल' ने लोकल मीडिया के हवाले से बताया कि US नेवी ईरानी हमलों में बुरी तरह डैमेज हुए बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को लेकर असमंजस में है. सेना कन्फ्यूज है कि अब जर्जर पड़े इस सैन्य अड्डे का क्या करना है. वहीं, एक सीनियर अमेरिकी ऑफिसर ने हमले की भयावहता को भी स्वीकार किया है.
ईरान ने उड़ाया अमेरिकी मिलिट्री बेस
'द एपोच टाइम्स' के पत्रकार रयान मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि काओ ने अमेरिकी नेवी के अभियानों और विभाग के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए यह टिप्पणी की. फरवरी 2026 के अंत से ही अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हवाई हमले करने के बाद से तेहरान लगातार बहरीन स्थित इस अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बना रहा था. यह मिलिट्री बेस अमेरिकी नेवी के अभियानों के लिए मुख्य लॉजिस्टिक सेंटर के तौर पर काम करता है.
जर्जर हालत देख परेशान अमेरिका
काओ ने कहा कि नेवी अब इसकी मरम्मत को लेकर विचार कर रही है. मिलिट्री बेस को हुए डैमेज की भयावहता को देखते हुए यह सवाल उठ रहे हैं कि अमेरिकी सेना वापस इस बेस पर कब लौट पाएगी. अगस्त 2026 के अंत में नेवी के चीफ एडमिरल डैरिल कॉडल ने कहा था कि नौसैनिक फिलहाल वापस नहीं लौटेंगे. यहां तक कि वे अपने निजी सामान लेने के लिए भी वहां नहीं जाएंगे.
रेनोवेशन के लिए कन्फ्यूज अमेरिकी नेवी
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि मिलिट्री बेस के डैमेज हुए हिस्सों में रेनोवेशन के लिए तकरीबन 400 मिलियन डॉलर का खर्चा आ सकता है. यह अनुमान डिफेंस डिपार्टमेंट के मूल्य निर्धारण आंकड़ों पर आधारित था. वहीं, इसमें डैमेज हुए स्ट्रक्चरल रूम, एडमिनिस्ट्रेटिव एरिया और कमांड फैसिलिटी भी शामिल थीं. हमले के कुछ समय बाद अमेरिकी मिलिट्री ऑफिसर्स ने पहले कहा था कि इसमें कोई भी अमेरिकी नागरिक मारा नहीं गया और न ही नुकसान से सैन्य अभियानों पर कोई खास असर पड़ा है, लेकिन अब इस खुलासे ने अमेरिका के झूठ का पर्दाफाश किया है.