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अमेरिका में खलबली: ईरान के निशाने पर ट्रंप के राजदूत? मिडिल ईस्ट के दूतावासों में घटने लगा स्टाफ

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इतर उसके दूतावासों पर नया और गंभीर खतरा मंडरा रहा है. एक खुफिया रिपोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के अफसरों को होश उड़ा दिए हैं. जिसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब समेत कई देशों में अपने वाणिज्य दूतावासों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठा लिए हैं.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 24, 2026, 07:33 AM IST | Updated: Oct 24, 2026, 08:27 AM IST
Image Credit: अमेरिका की बढ़ी चिंता (AI)
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अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ईरान की ओर से अमेरिकी राजनयिकों और अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज होने की चेतावनी दी है. सीआईए की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ साजिशें तो खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी हैं. ऐसे में अपने राजनयिकों और राजदूतों को ईरान के संभावित हमलों से बचाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों की चेतावनी पर फौरन एक्शन लेते हुए सऊदी अरब समेत मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अपने दूतावासों से स्टाफ को वापस बुलाने का फैसला किया है. 

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय से आई जानकारी के मुताबिक ट्रंप का मानना है कि खाड़ी देशों में मौजूद मिलिट्री बेसों में तैनात अमेरिकी सैनिक अपनी स्पेशल ट्रेनिंग, एयर डिफेंस सिस्टम और घातक हथियारों की वजह से सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हीं देशों की एंबैसी और हाईकमीशन में तैनात विदेश विभाग के अफसर और जूनियर स्टाफ ईरान के एजेंटों के लिए आसान टारगेट हो सकते हैं.

मार्को रूबियो को मिला 'डेंजर' मेमो

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वॉशिंगटन ने कई अमेरिकी दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या घटानी शुरू कर दी है. मार्को रूबियो को मिले एक खास मेमो के बाद ये फैसला लिया गया है. जिसमें साफ-साफ और बड़े अक्षरों में लिखा था कि ईरान की जानलेवा साजिशें काफी आगे के चरण तक पहुंच चुकी हैं.

खुफिया मेमो में क्या?

Axios को मिले एक पेज के मेमो में नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर जे क्लेटन ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को बताया है कि ईरान की ओर से हत्या की साजिशों से जुड़ी खुफिया जानकारी अभी जितने अमेरिकी अधिकारियों के साथ साझा की जा रही है, उससे अधिक लोगों तक इसे पहुंचाने की जरूरत है. 

हालांकि इस मेमो में किसी का सीधा नाम नहीं लिखा है. यानी इसमें यह नहीं बताया गया है कि किन-किन लोगों को ईरान के एजेंट निशाना बना सकते है. ये हमले मिडिल ईस्ट में मौजूद यूएस दूतावासों और वाणिज्यिक दूतावासों में होंगे या कहीं और ये भी नहीं बताया गया है. इसके साथ ही टारगेट को किस तरह से हिट किया जाएगा, इसके बारे में भी खुलकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.

अमेरिका की नई चिंता

अमेरिकी अधिकारियों को ये चिंता भी सता रही है कि यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब से आगे बढ़कर क्षेत्र के दूसरे देशों को भी निशाना बना सकते हैं. अमेरिका में आगामी नवंबर के पहले हफ्ते में मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के ऊपर अमेरिका और इजरायल के घातक हमलों की अटकलें तेज हुई हैं. इन बदली परिस्थितियों के चलते पूरे खाड़ी क्षेत्र में एक विनाशकारी खतरा मंडराने लगा है.

इन देशों से कम हुआ स्टाफ

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीते शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान, कतर और जॉर्डन स्थित अमेरिकी दूतावासों में भी राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों की संख्या घटाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही सभी को सतर्क रहने और खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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