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हाल में ही नई दिल्ली में हुए नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों के आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर बहस छिड़ी है. हाल में ही कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भारत की आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग की गई. आरक्षण विवाद और मेरिट की लड़ाई के बीच मशहूर इन्वेस्टर अक्षत श्रीवास्तव ने सामान्य वर्ग के छात्रों को एक विशेष सलाह दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जनरल कैटेगरी के छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि अगर उनमें काबिलियत है, तो वह भारत के बाहर जाने से न हिचकिचाएं. उन्होंने कहा कि अगर कभी भी देश के बाहर जाने का मौका मिलता है, तो बिना सोचे चले जाएं. कई ऐसे देश हैं, जहां पर उन्हें अच्छी नौकरियां मिल जाएंगी.
बता दें कि दुबई में रहने वाले भारतीय निवेश अक्षत श्रीवास्तव का तर्क है कि देश में कोई भी राजनीतिक दल सत्ता में आता है, तो भी आरक्षण समाप्त नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि मेरिट पर भरोसा करने वाले छात्रों को UAE, थाईलैंड और जापान जैसे देशों में जाने का विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई देशों में नौकरी करने वाले लोग नहीं मिल रहे हैं. इन देशों को हुनरमंद और काबिल लोगों की जरूरत है. जनरल कैटेगरी के छात्र उन देशों की ओर रुख कर सकते हैं.
दुबई में रहने वाले अक्षत श्रीवास्तव ने सामान्य वर्ग के छात्रों को सलाह देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर आपको कभी भी विदेश जाने का मौका मिले, तो जरूर जाएं.
If you ever get a chance to move abroad, do it. Don't think twice.
This is especially true if you are a General Category student, who competes on merit.
See reservation & all is not going away, irrespective of which political party comes to power.
As resources shrink,…— Akshat Shrivastava (@Akshat_World) September 20, 2026
उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी सत्ता में आए आरक्षण जैसी चीजें समाप्त नहीं होने वाली हैं. जैसे-जैसे संसाधन समाप्त होंगे मुफ्त की चीजें बढेंगी. इसलिए राजनीति से उम्मीद करना बंद करें. उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि आपका एकमात्र असली सहारा आपकी मेहनत है. इसके लिए आपको मौके तलाशने होंगे. सरकार आपके लिए ऐसा नहीं करेगी. सबसे पहले आर्थिक रूप से मजबूत बनें. विदेश में रहने से आपको बहुत तेजी से आर्थिक आजादी मिल सकती है.
हालांकि, उन्होंने यह भी लिखा कि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि फिलहाल रास्ता मुश्किल हो गया है, लेकिन अगर आप टॉप-1 प्रतिशत छात्रों शामिल हैं नेटवर्किंग करने को तैयार हैं, तो आपको आसानी से नौकरी मिल जाएगी. उन्होंने बताया कि मैंने खुद भारत से आए 3 लोगों को हायर किया था और उन्हें यूएई में नौकरी दिलाई.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News अक्षत श्रीवास्तव की बातों का समर्थन नहीं करता है, यह उनके निजी विचार हैं. किसी भी फैसले से पहले संबंधित आधिकारिक विभाग से संपर्क जरूर करें.