'ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं...' होर्मुज और ब्लैक सी हमलों में भारतीय नाविकों के घायल होने पर दिल्ली ने दिया कड़ा संदेश
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ब्लैक सी क्षेत्र में मर्चेंट शिप्स पर हुए हमलों में भारतीय नाविकों के घायल होने पर नई दिल्ली ने सख्त रुख अपनाया है. भारत ने स्पष्ट किया है कि निर्दोष समुद्री कर्मियों को निशाना बनाने वाली ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.
सिद्धांत सिब्बल
भारत ने काला सागर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है. इन दोनों घटनाओं में भारतीय नाविक भी हिंसा की चपेट में आए. विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव (MV Royad Mammadov) पर हुए हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत हुई, जबकि चालक दल के कुछ सदस्य घायल हुए. घायलों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. जहाज पर सवार तीनों भारतीय सुरक्षित हैं.
भारत ने घायलों को बचाने और उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए रोमानियाई अधिकारियों का आभार जताया. सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे वाला यह कमर्शियल जहाज तुर्किए की एक कंपनी के स्वामित्व में था. जहाज यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह से मक्का लेकर इटली के रावेन्ना के लिए रवाना हुआ था. हमले के बाद इसमें आग लग गई और यह रोमानिया के विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्फांतु घोर्गे से करीब 30 समुद्री मील दक्षिण में डूब गया.
भारत ने हमले के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि जहाज को रूसी ड्रोन ने निशाना बनाया. हालांकि, भारत ने हमले के लिए किसी पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. विदेश मंत्रालय ने पनामा के झंडे वाले टैंकर MT On Peace पर हुए हमले को लेकर भी अलग बयान जारी किया. ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे इस जहाज को निशाना बनाया गया. इस जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें 17 भारतीय थे. हमले में 12 नाविक घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय शामिल हैं. ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और खसब में उनका इलाज चल रहा है. भारत ने घायलों को बचाने और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ओमान का आभार जताया है.
भारत ने हमले तुरंत रोकने की अपील की
विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं. मंत्रालय ने शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के हित में ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की अपील की. भारत ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों, नाविकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जाना जरूरी है.
अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा असर
नई दिल्ली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक व्यापार और दुनिया भर के लोगों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है. भारत ने एक बार फिर मौजूदा संघर्षों को खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की. भारत ने लाइबेरिया के साथ मिलकर 25 देशों का 'शिपिंग और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा पर दोस्तों का समूह' (Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers) भी बनाया है. इसका उद्देश्य व्यापारिक जहाजों के चालक दल को लक्षित हमलों से बचाने के लिए सहयोग बढ़ाना है. इस साल समुद्री मार्गों पर हमले जारी रहने के बीच भारत कई मौकों पर व्यावसायिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने की निंदा कर चुका है.