America Attack On Hindu Temples: अमेरिका के इलिनॉय में बीते दिनों एक हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश रची गई. हालांकि, इस हमले को नाकाम कर दिया गया है. घटना को लेकर अमेरिकी सांसदों ने संघीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की है.
बता दें कि अमेरिका के 105 सांसदों ने फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) से आग्रह किया है कि इलिनॉय के हिंदू मंदिर में मास शूटिंग करने की कोशिश की जांच एक फेडरल हेट क्राइम के तौर पर की जाए. उन्होंने भारतीय-अमेरिकियों और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ बढ़ते खतरों को लेकर चेतावनी भी दी है.
भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों की इस अपील का नेतृत्व किया. 11 अक्टूबर को इस हमले की कोशिश के दौरान राजा कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा कर रहे थे. मंगलवार ( 20 अक्टूबर 2026) को FBI डायरेक्टर कश पटेल को लिखे एक पत्र में सांसदों ने इस घटना की गहराई से जांच की मांग की. वे यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या इसमें शामिल संदिग्ध व्यक्ति नस्लीय और धार्मिक नफरत से प्रेरित था और क्या इस हमले की योजना बनाने या उसे बढ़ावा देने में किसी और ने भी मदद की थी.

इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस के सभी भारतीय-अमेरिकी सदस्य, इलिनॉय हाउस का पूरा डेमोक्रेटिक प्रतिनिधिमंडल और सीनेटर डिक डर्बिन, टैमी डकवर्थ, एंडी किम समेत क्रिस वैन होलेन शामिल हैं.
प्रॉसीक्यूटर्स के मुताबिक, इलिनॉय का रहने वाला 19 साल का एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस हमले के इरादे से मंदिर पहुंचा था, लेकिन अपनी राइफल में खराबी आने के चलते वह भाग खड़ा हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. प्रॉसीक्यूटर्स का आरोप है कि खुद को नियो-नाजी मानने वाले पैपोराकिस ने श्वेत वर्चस्ववादी (white supremacist) विचारधारा वाला 8 पन्नों का एक घोषणापत्र तैयार किया था. इसमें एक हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा करने की बात कही गई थी.
हमले की कोशिश को लेकर सांसदों ने अपने पत्र में लिखा,' नस्लीय नफरत, धार्मिक स्थल और बड़े पैमाने पर हिंसा की तैयारी. इन तीनों का मेल एक गंभीर संघीय कार्रवाई की मांग करता है.' उन्होंने स्थानीय जांचकर्ताओं की मदद करने के लिए FBI के प्रयासों को स्वीकार किया. पत्र में भारतीयों, हिंदुओं, सिखों और अन्य साउथ एशियाई समुदायों के खिलाफ ऑनलाइन बढ़ती नफरत पर भी चिंता जताई गई है. 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गेनाइज्ड हेट' की सितंबर 2026 की एक स्टडी का हवाला देते हुए सांसदों ने बताया कि जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ 5,42,000 से ज्यादा हेट पोस्ट की गईं.
स्टडी में ये भी पाया गया कि जनवरी 2024 और जून 2026 के बीच ऐसी पोस्ट हर महीने 240 प्रतिशत तक बढ़ती रही. US लॉमेकर्स ने संघीय एजेंसियों की ओर से सोशल मीडिया पर किए गए संदेशों की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि इन संदेशों से नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों (Stereotype) को और बढ़ावा मिलने का खतरा है.