)
Saudi Arabia: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में इंटरनेशल एयरपोर्ट पर हुए ताजा हमले में 12 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए. इनमें से कुछ की हालत गंभीर है. इस हमले के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है.
बता दें कि यह ईरान जंग की शुरुआत के बाद से किसी भी खाड़ी अरब देश में यह सबसे घातक हमला था. इस जंग में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच हुई लड़ाई में भी शामिल हो गए हैं.
'NDTV'की रिपोर्ट के मुताबिक, एक क्षेत्रीय अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए टर्मिनल 3 और 4 वाले किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर पर एक मिसाइल गिरी. वहीं, सऊदी अरब के बयान में कहा गया है कि मृतकों में 4 सऊदी नागरिक, 2 बांग्लादेशी नागरिक, 1 फिलिस्तीनी, 1 अमेरिकी नागरिक, 1 मिस्र का, 1 जॉर्डन, 1 सीरियाई और 1 सूडानी नागरिक शामिल हैं. बयान में कहा गया है कि घायलों का कई अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
सोशल मीडिया पर हमले के बाद का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एयरपोर्ट के बाहर कम से कम एक एम्बुलेंस और एक अन्य वाहन दिखाई दे रहा है. एयरपोर्ट पर पिछले एक हफ्ते में हुए कई हमलों में से यह नया हमला है, जिससे सऊदी अरब पर अमेरिका समेत अपने सहयोगियों पर सैन्य सहायता देने का दबाव बढ़ने की आशंका है. इन हमलों के बाद ट्रंप ने कहा कि वह इस बात का मूल्यांकन कर रहे हैं कि क्या अमेरिका को विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के हमलों में शामिल होना चाहिए.
ट्रंप ने कहा,' हम शामिल हो सकते हैं. हम इस पर विचार करेंगे. हमें अभी-अभी हुए हमले के बारे में पता चला है, इसलिए हम जल्द ही फैसला लेंगे. हम बेहद तेजी से कार्रवाई करते हैं.' ट्रंप ने कहा कि वह क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात करने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा,' सऊदी अरब में जो हुआ वह स्वीकार्य नहीं है.' उन्होंने इस हमले में अमेरिका के हस्तक्षेप को लेकर कहा कि वह इसका पता लगाएंगे. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हमले में एक अमेरिकी नागरिक की मौत होने की निंदा की. उन्होंने कहा,' ये निंदनीय हमले निर्दोष नागरिकों के जीवन के प्रति घोर उपेक्षा दर्शाते हैं. इन्हें अब रोकना होगा.'