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एक अणु के दो चेहरे, लेकिन शरीर को पसंद है सिर्फ एक! गुत्थी को सुलझाने वाले वैज्ञानिकों को मिला कैमिस्ट्री का नोबेल

Nobel Prize In Chemistry: केमिस्ट्री के नोबेल प्राइज 2026 का ऐलान कर दिया गया है. इस बार यह पुरस्कार वैज्ञानिक हेनरी कागन और केन्सो सोई को दिया गया है.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 07, 2026, 03:29 PM IST | Updated: Oct 07, 2026, 04:12 PM IST
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2026 के रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार का ऐलान कर दिया गया है. 2026 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार वैज्ञानिक हेनरी कागन और केन्सो सोई को दिया गया है. दोनों वैज्ञानिकों को ऐसे रासायनिक प्रयोगों और प्रक्रियाओं को समझने में अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया है, जिनसे जटिल अणुओं को बनाने और रासायनिक प्रतिक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है.

नोबेल प्राइज के आधिकारिक X हेंडल पर लिखा कि केमिस्ट्री में 2026 का नोबेल प्राइज उन खोजों के लिए दिया गया है, जिनकी वजह से केमिस्ट ऐसी केमिकल रिएक्शन कर पाए हैं, जिनसे होमोकायरैलिटी (homochirality) पैदा होती है.

होमोकायरल क्या होता है?

उन्होंने आगे बताया कि जीवन की केमिस्ट्री को केमिस्ट 'होमोकायरल' कहते हैं; यह शब्द ग्रीक भाषा के 'एक जैसा' और 'हाथ' शब्दों से बना है. हाथों की तरह ही, सभी अमीनो एसिड दो मिरर-इमेज वाले रूपों में होते हैं, लेकिन आपकी कोशिकाओं के प्रोटीन में उनमें से सिर्फ एक ही रूप पाया जाता है. दूसरा रूप प्रकृति में बहुत कम मिलता है.

लंबे समय तक केमिस्ट यह सोचते रहे कि होमोकायरैलिटी कैसे पैदा हो सकती है. जब उन्होंने ऐसी केमिकल रिएक्शन पर प्रयोग करना शुरू किया, जिनसे दो मिरर-इमेज वाले मॉलिक्यूल बन सकते थे, तो उन्हें हमेशा अपनी टेस्ट ट्यूब में दोनों की बराबर मात्रा मिलती थी. हालांकि, केमिस्ट इन मिरर-इमेज में से सिर्फ एक को ही बनाने की कोशिश करते रहे, क्योंकि जीवित लोगों के साथ इंटरैक्ट करने वाले मॉलिक्यूल (जैसे कि दवाइयों में) के विकास में सिर्फ एक मिरर-इमेज ही मनचाहा असर दिखाती है.

पुरस्कार विजेता हेनरी कागन और केन्सो सोआई की वजह से, अब हम जानते हैं कि होमोकायरैलिटी कैसे पैदा हो सकती है. उनकी खोजें उन केमिस्ट के लिए बहुत अहम रही हैं जो दवाइयाँ बनाने के लिए रिएक्शन डिज़ाइन करते हैं.

अब तक 117 रसायन के पुरस्कार दिए जा चुके हैं

जब से यह पुरस्कार पहली बार दिया गया है, तब से अब तक 117 रसायन विज्ञान पुरस्कार दिए जा चुके हैं. रसायन विज्ञान के सबसे उम्रदराज पुरस्कार विजेता 97 वर्ष के थे, जबकि सबसे कम उम्र के 35 वर्ष के थे. पिछले साल, तीन वैज्ञानिकों ने बड़ी मात्रा में गैस को अवशोषित करने में सक्षम आणविक संरचनाओं को विकसित करने के लिए यह पुरस्कार जीता, जिनके संभावित अनुप्रयोगों में ग्रीनहाउस गैसों को हटाना और रेगिस्तानी हवा से पानी का संग्रहण करना शामिल है.

स्वीडिश आविष्कारक और व्यवसायी अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत में स्थापित, विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए ये पुरस्कार 1901 से दिए जा रहे हैं, जिनमें कुछ रुकावटें मुख्य रूप से विश्व युद्धों के कारण आईं.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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