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नेपाल में हर मोर्चे पर भारत की मदद! टनल रेस्क्यू से DNA जांच तक संभाला मोर्चा, सिल्क्यारा के ‘फरिश्ते’ भी उतरने को तैयार

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने राहत सामग्री, दवाइयां, मेडिकल और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ, DNA एक्सपर्ट्स व Bailey Bridges भेजे हैं. भारत लापता लोगों की तलाश और पुनर्वास में भी मदद कर रहा है.

Written By Tahir Kamran
Published: Sep 03, 2026, 08:07 PM IST | Updated: Sep 03, 2026, 08:16 PM IST
Image Credit: AI के जरिए बनाई गई तस्वीर
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नेपाल ग्लेशियर टूटने के बाद आई सैलाबी तबाही के बाद मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. हमेशा की तरह भारत ने एक बार फिर पड़ोसी धर्म निभाते हुए नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाए. ना सिर्फ राहती सामग्री बल्कि टेक्निकल तौर पर भी भारत नेपाल के साथ खड़ा है. भारत ने DNA टेस्ट के लिए भी अपनी टीम भेजी है, साथ ही सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 'सिल्कियारा हादसे' में फरिश्ता बनकर उतरने वाले 'रेट माइनर्स' को भी भेजने की पेशकश की है.

नेपाल में बाढ़ आने के कुछ ही समय बाद भारत ने राहत सामग्री और दवाइयां भेजना शुरू कर दिया था. 26 अगस्त को सैलाब आने वाले दिन खुद पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की थी. इसके कुछ ही घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेज दी थी. भारत की मदद को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संसद के अंदर भारत का आभार जताया.

3 सितंबर तक भारत नेपाल को राहत सामग्री की पांच खेप भेज चुका है. इनमें करीब 5.5 टन जरूरी दवाइयां शामिल हैं. जैसे- एंटीबायोटिक्स, दर्द की दवाइयां, सर्जरी से जुड़ी चीजें और दूसरी जरूरी मेडिसिन शामिल हैं. कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत अब तक नेपाल को करीब 74 टन राहत सामग्री भेज चुका है.

भारत ने नेपाल को क्या-क्या भेजा?

भारत की मददविवरण
दवाइयां5.5 टन जरूरी दवाइयां
राहत सामग्रीकरीब 74 टन राहत सामग्री
मेडिकल टीमडॉक्टर और पैरामेडिक्स
टनल रेस्क्यू टीमभारतीय सुरंग बचाव विशेषज्ञ
रेस्क्यू उपकरणविशेष बचाव उपकरण
DNA एक्सपर्ट्स19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम
Bailey Bridges230 फीट लंबे पुल के उपकरण; 7 और पुलों की तैयारी
स्कूल पुनर्निर्माणत्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल को दोबारा बनाने का वादा

भारी तबाही के बाद भारत ने सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए भी अपनी टीम भेजी है. शुरुआत में नेपाल सरकार ने बताया था कि कई सुरंगों के अंदर 100 से ज्यादा मजदूरों के जिंदा फंसे होने की आशंका है. इन लोगों को बचाने के लिए 30 अगस्त को भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाल पहुंची. टीम ने नेपाली फौज के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग इलाके में हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे मजदूरों की तलाश शुरू की.

रैट माइनर्स भी भेजने की पेशकश की

सिल्क्यारा सुरंग में 41 मजदूरों को बचाने वाली दिल्ली-NCR की ‘रैट माइनर्स’ टीम ने भी नेपाल में मदद की पेशकश की है. टीम के पुणे में मौजूद वॉलंटियर कोऑर्डिनेटर आनंद कंसल ने नेपाल में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर टीम की विशेषज्ञता नेपाली अधिकारियों को उपलब्ध कराने में मदद मांगी है. टीम का कहना है कि अगर अनुमति मिलती है, तो वह नेपाल जाकर सुरंगों में फंसे मजदूरों के रेस्क्यू में मदद करने के लिए तैयार है.

भारत ने भेजी फोरेंसिक टीम

इसके अलावा भारत ने मरने वालों की पहचान के लिए अपनी फोरेंसिक टीम भी नेपाल भेजी है. भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम नेपाल के एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर DNA सैंपल की जांच कर रही है. इसका मकसद बरामद होने वाली लाशों की पहचान करना और लापता लोगों के परिवारों को यह पता लगाने में मदद करना है कि उनके प्यारे कहां हैं. भारतीय फोरेंसिक एक्सपर्ट काठमांडू घाटी की दो लैब में काम कर रहे हैं.

400 शवों के सिर्फ अंग मिले

इस काम की मुश्किल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेपाल पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम तक 1068 शव बरामद किए जा चुके थे. इनमें करीब 400 शव सिर्फ शरीर के अलग-अलग हिस्सों के रूप में मिले हैं, जिससे उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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