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फ्रांस में हाहाकार, 'इस्लामिक कट्टरपंथियों' ने मचाया बवाल; ट्रंप के बाद बोले नेतन्याहू, कहा- मैक्रों को दी थी वॉर्निंग

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फ्रांस कट्टरपंथी इस्लाम के हमले की चपेट में है. उन्होंने कहा कि मैंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों को वॉर्निंग दी थी कि अगर इनको अभी नहीं रोका गया तो ये पेरिस में भी आ जाएंगे.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 21, 2026, 06:58 AM IST | Updated: Oct 21, 2026, 07:17 AM IST
Image Credit: फ्रांस में माहौल तनावपूर्ण है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फ्रांस 'कट्टरपंथी इस्लाम के हमले' की चपेट में आ गया है. मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि पेरिस जल्द ही मुस्लिम शहर बन जाएगा. फ्रांस में एजुकेशन सिस्टम को सुधारने और आर्थिक हालातों को लेकर शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन हिंसक दंगे में तब्दील हो चुके हैं. प्रदर्शनकारियों ने कई बड़े ब्रैंड्स के स्टोर्स को लूट लिया और इमारतों में आग लगा दी.

नेतन्याहू के यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब कई अन्य राजनेता और एक्सपर्ट्स भी ऐसी ही टिप्पणी कर चुके हैं. इन राजनेताओं का दावा है कि यूरोप के कुछ हिस्सों (जैसे ब्रिटेन) में प्रवासियों के आने की वजह से 'इस्लामी कानून' लागू हो गया है. हालांकि, कई लोग उनके इन दावों को 'इस्लामोफोबिया' (इस्लाम के प्रति नफरत) भी मानते हैं .

'कट्टरपंथी मुसलमानों ने भड़काए दंगे'

एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि फ्रांसीसी नेता इन दंगों से निपटने के लिए तैयार नहीं थे. उन्होंने दावा किया कि भले ही फ्रांस के समाज में अलग-अलग बैकग्राउंड के लोग रहते हैं, लेकिन पेरिस समेत कई बड़े शहरों में सड़कों पर उतरे लोगों में 'कट्टरपंथी मुसलमान' शामिल थे, जिन्होंने इन दंगों को भड़काया.

फ्रांसीसी भाषा के चैनल 'i24News' के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा, 'उन्होंने समय रहते तैयारी नहीं की, बल्कि हार मान ली. वे कट्टरपंथी इस्लाम के हमले के आगे झुक गए.'

जब उनसे पूछा गया कि वे फ्रांस को क्या सलाह देंगे, तो नेतन्याहू ने बिना विस्तार से बताए कहा, 'मुकाबला करें, तुष्टीकरण की नीति न अपनाएं, कट्टरपंथियों के खिलाफ लड़ें.'

नेतन्याहू बोले- मैक्रों को दी थी चेतावनी

उन्होंने आगे कहा कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से कहा था, 'अगर हम उन्हें यहीं खत्म नहीं करेंगे, तो वे पेरिस में भी आ जाएंगे और ठीक ऐसा ही हो रहा है.' हालांकि, उन्होंने इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया.

पिछले साल, फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने वाले कई यूरोपीय देशों में फ्रांस भी शामिल था, जिससे इजरायल काफी नाराज हो गया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फ्रांस में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए इसके लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया और यूरोप व मैक्रों से अपनी सीमाओं को और ज्यादा सख्त करने को कहा.

'अपने बॉर्डर को बंद कर दो'

सोमवार को ट्रंप ने कहा था, 'फ्रांस में जो हो रहा है, उसका संबंध प्रवासियों से है, न कि स्कूलों या किसी और चीज से. यह प्रवासियों का मामला है. मैंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से कहा था कि अपने बॉर्डर बंद कर दें.'

ट्रंप ने 2024 के अपने चुनाव प्रचार में अवैध प्रवासन को रोकने का बड़ा वादा किया था. इस दौरान उन्होंने कई बार ऐसे झूठे दावों का सहारा लिया, जो लोगों के मन में नस्लीय डर पैदा करते थे.

अगस्त में, नेतन्याहू ने ब्रिटेन पर तंज कसते हुए उसे 'इस्लामिक रिपब्लिक' कह दिया था. इस पर UK ने कड़ी आपत्ति जताई और उनके बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया था.

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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