क्या हमलावर हम्मामी से मिले हुए थे क्रू मेंबर्स? फ्लाईदुबई पर उठे सवाल, यात्री के दावे से हड़कंप
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुए हमले को लेकर एक यात्री ने फ्लाइट अटेंडेंट की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. यात्री का आरोप है कि घटना के वक्त फ्लाइट के दो अटेंडेंट का व्यवहार बड़ा अजीब था. उनके इस दावे से फ्लाईदुबई में यात्रियों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है.
30 सितंबर को तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में जो कुछ हुआ था, उससे यात्री आजतक खौफ में हैं. इस घटना को लेकर अब एक यात्री ने विमान के क्रू मेंबर्स पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. अपनी दो बेटियों और पत्नी के साथ फ्लाइट में सफर कर रहे आसफ राजुआन ने आरोप लगाया कि घटना के वक्त फ्लाइट के क्रू की भूमिका संदिग्ध थी. उन्होंने क्रू की जांच कराने की मांग की है. आसफ राजुआन ने दो फ्लाइट अटेंडेंट के व्यवहार पर शक जताया है. उन्होंने कहा कि यात्रियों ने जब को-पायलट को दबोच लिया था और उस पर काबू पा लिया था, तब भी दोनों फ्लाइट अटेंडेंट परेशान थे. राजुआन ने कहा कि आपातकालीन में उनके वर्ताव की जांच की जानी चाहिए. आसफ रजुआन ने फ्लाइट में सफर करने वाले दो यात्री, जो पेशे से पायलट हैं और उन्होंने बाद में विमान की कमान संभाली थी, वे सार्वजनिक रूप से बताएं कि उन्होंने पायलट की केबिन में क्या देखा था?
UAE के आधिकारियों का क्या कहना है?
रजुआन ने अधिकारियों से अपील की है कि वह जांच करें कि हमलावर को काबू में करने के बाद विमान में क्या-क्या हुआ था? हलांकि, फ्लाइट अटेंडेंट्स के बारे में आसफ राजुआन के दावों की पुष्टि नहीं हुई है. उधर, 9 अक्टूबर को जारी UAE के आधिकारिक बयान में साफ कहा गया कि हमलावर को-पायलट पर काबू पाने में अटेंडेंट ने भी पूरी मदद की थी. अधिकारियों ने यह भी बताया कि को-पायलट ने अपने गुनाह को स्वीकार कर लिया है और उसने कहा है कि इस काम में उसकी किसी ने मदद नहीं की थी. उसने अकेले ही यह काम किया था. हालांकि, को-पायलट के संभावित साथियों और अन्य संपर्कों की जांच अभी भी चल रही है.
कब और कैसे हुई थी यह घटना?
बता दें कि यह 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 में हुई थी. को-पायलट ने ही विमान को हाईजैक करने का प्रयास किया था. उसने पायलट स्मित मच्छार पर हमला करके उन्हें घायल कर दिया था. को-पायलट के अचानक हमले में पायलट स्मित मच्छार लहूलुहान हो गए थे और विमान महज 30 सेकंड में 16 हजार फीट से ज्यादा नीचे गिर गया था. हालांकि, पायलट स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और उन्होंने प्लेन को सही-सलामत लैंड कराके 174 लोगों की जान बचाई. जब पायलट स्मित मच्छार खून से लथपथ होकर प्लेन संभाल रहे थे, तब यात्रियों ने अपनी जान-जोखिम में डालकर को-पायलट को नियंत्रित किया था.
घटना के वक्त कैसे हालात थे?
इस फ्लाइट में आसफ राजुआन भी अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ दुबई से तेल अवीव जा रहे थे. घटना के बारे में रजुआन ने बताया कि एक महिला अचानक केबिन में चिल्लाते हुए दौड़ी कि किसी के पास चाकू है. इसके बाद प्लेन अचानक से नीचे की ओर गिरने लगा. उन्होंने अपने परिवार की तरफ देखा, तो सभी यात्री हवा में उछल रहे थे. रजुआन ने कहा कि कुछ पल के लिए उन्हें लगा कि उनकी बेटियां मर चुकी हैं. उन्होंने कहा कि इसके बाद वह तेजी से केबिन की तरफ भागे, वहां कुछ यात्री पहले से हमलावर को रोकने की कोशिश कर रहे थे. राजुआन ने बताया कि कैप्टन स्मित पहले ही को-पायलट को कमजोर कर चुके थे, जिससे यात्रियों के लिए उसे काबू में करना मुमकिन हो गया था.
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