SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

दहशत के वो 30 मिनट: चाकू नहीं, कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से हम्मामी ने किया था भारतीय पायलट पर हमला

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट पर ओमानी को-पायलट ने चाकू नहीं बल्कि कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से हमला किया था. इस अटैक में भारतीय पायलट स्मित मच्छार घायल हो गए और उनका अस्पताल में इलाज जारी है.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 03, 2026, 02:35 PM IST | Updated: Oct 03, 2026, 02:46 PM IST
Image Credit: भारतीय पायलट स्मित मच्छार (लेफ्ट) और हमला करने वाला ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी
Join

फ्लाईदुबई फ्लाइट के को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखे 'क्रैश एक्स' (इमरजेंसी में काम आने वाली कुल्हाड़ी) से भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था. संयुक्त अरब अमीरात के सरकारी वकीलों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की. वकीलों ने बताया कि हम्मामी ने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी. उन्होंने इसे टेररिस्ट अटैक करार दिया है.

अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत, हर कमर्शियल विमान में 'क्रैश एक्स' रखना अनिवार्य है और इसे दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में इस्तेमाल के लिए कॉकपिट में रखा जाता है. पहले ये कुल्हाड़ियां मेन केबिन में रखी जाती थीं, लेकिन 25 साल पहले अमेरिका में 9/11 के आतंकवादी हमलों के बाद इन्हें कॉकपिट में शिफ्ट कर दिया गया.

भारतीय पायलट ने डटकर किया मुकाबला

इस बात की जांच की जा रही है कि क्या को-पायलट ने अकेले यह कदम उठाया (लोन वुल्फ) या उसका किसी आतंकवादी समूह से कोई रिश्ता है. बुधवार को हम्मामी ने फ्लाईदुबई विमान को क्रैश कराने की कोशिश की, जिसमें 24 बच्चों समेत 170 से ज्यादा यात्री सवार थे. इनमें से ज्यादातर इजरायली थे. बाद में उसने कैप्टन स्मित को चाकू मार दिया. लेकिन भारतीय कैप्टन ने बुरी तरह घायल होने के बावजूद उसका डटकर मुकाबला किया.

उस समय जो विमान 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, वह 23,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरने लगा था. घायल होने के बावजूद, भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे क्रू और यात्रियों को हस्तक्षेप करने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला. विमान के अंदर के फुटेज में अफरा-तफरी और कैप्टन मच्छार को खून से लथपथ हालत में देखा गया, जिसमें वे कह रहे थे कि उनके को-पायलट ने उन्हें मारा है. जबकि एक डेंटिस्ट ने कैप्टन मच्छार का इलाज किया. इसके बाद दो अन्य रिलीफ पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया, जहां वह सुरक्षित रूप से उतरा.

को-पायलट की पहचान आई सामने

ओमानी को-पायलट की पहचान भी सामने आ गई है. खबरों से पता चला है कि चरमपंथी विचार अपनाने की आशंका के कारण उसे ओमान से उड़ान भरने से रोक दिया गया था. हम्मामी 2024 में ओमान एयर के लिए को-पायलट ट्रेनी के तौर पर काम करता था, जब उसके पास चरमपंथी सामग्री पाई गई थी. हालांकि, उसे एयरलाइन के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव रोल में काम जारी रखने की इजाजत दी गई थी. फरवरी 2025 में उसने नौकरी छोड़ दी और जून 2025 में रॉयल एयर मारोक से जुड़ गया, लेकिन इस साल जनवरी में उसे भी छोड़ दिया.

बैन के बावजूद, हम्मामी को फ्लाईदुबई ने नौकरी पर रखा, जहां उसने घटना से पहले आठ महीने तक काम किया और उसे संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल को जोड़ने वाले संवेदनशील रूट पर उड़ान भरने की इजाजत मिली. रिपोर्ट्स से यह भी पता चला है कि हम्मामी की योजना फ्लाईदुबई के विमान को इजरायल में क्रैश करने की थी.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES