PTI के लॉन्ग मार्च से दहशत में शहबाज सरकार: खैबर पख्तूनख्वा में लगाई इमरजेंसी, प्रांतीय सरकार को किया सस्पेंड
Emergency in Khyber Pakhtunkhwa Province: इमरान खान की पार्टी पीटीआई के लॉन्ग मार्च से शहबाज सरकार दहशत में है. उसने पीटीआई के शासन वाले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी घोषित कर प्रांतीय सरकार सस्पेंड कर दिया है.
Pakistan Khyber Pakhtunkhwa Province News: इमरान खान की पार्टी तहरीके इंसाफ के लॉन्ग मार्च से डरी शहबाज शरीफ सरकार ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लागू कर दी है. शहबाज शरीफ ने कहा कि यह कदम आतंक के खिलाफ लड़ाई में प्रांतीय सरकार के जानबूझकर पीछे हटने की वजह से लगाया गया है. इस एलान के साथ ही प्रांतीय सरकार की सारी शक्तियां शहबाज सरकार के पास आ गई हैं और अब वो आंदोलन कुचलने के लिए कोई भी कार्रवाई कर सकती है.
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में लगाया गया आपातकाल
शहबाज शरीफ के कार्यालय ने बयान जारी कहा कि कैबिनेट सदस्यों ने स्थिति की समीक्षा की. इसके बाद संविधान के अनुच्छेद-2 में मिले अधिकार का इस्तेमाल कर रविवार को यह आपातकाल लगाया गया. इसके तहत खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार को सस्पेंड करके उसके सारे अधिकार सीज कर दिए गए हैं.
राष्ट्रपति जरदारी ने प्रस्ताव पर किए साइन
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कैबिनेट की ओर से भेजे गए खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल लगाने के प्रस्ताव को उन्होंने मंजूरी दे दी है.
PTI के लॉन्ग मार्च से डरी शहबाज सरकार
बताते चलें कि पाकिस्तान में यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब जेल में बंद इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी PTI पेशावर से इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च निकाल रही है. इमरान खान पिछले तीन से अधिक वर्षों से जेल में हैं और वहां पर उनकी हालत खराब बताई जाती है. इसके बावजूद देशभर में उनकी लोकप्रियता अब भी काफी ज्यादा है.
खैबर में इमरजेंसी लगाने की असल वजह
राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लगाए जाने की असल वजह ये है कि वहां पर इमरान की रिहाई की मांग को लेकर आंदोलन सबसे ज्यादा मुखर रहा है. वहां पर पीटीआई की सरकार है, जिसके मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी थे. वे भी अपने पार्टी मुखिया की रिहाई की मांग को जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे थे.
प्रांतीय सरकार की ओर से पीटीआई के आंदोलन को समर्थन दिए जाने की वजह से शहबाज सरकार चाहकर भी प्रोटेस्ट को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही थी. ऐसे में उसने दूसरा रास्ता चुनते हुए पीटीआई के शासन वाले प्रांत में आपातकाल लगा दिया है, जिसके बाद अब वहां पर कोई भी कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई करने का अधिकार सीधे शहबाज सरकार के हाथ में आ गया है.