पाकिस्तान में भूकंपः महसूस हुए 5.8 तीव्रता के झटके, घरों से बाहर भागे लोग
पड़ोसी देश पाकिस्तान में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से कांप उठा. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आज (शनिवार, 17 अक्टूबर) की सुबह करीब साढ़े 10 बजे 5.8 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस हुए. भूकंप का केंद्र बिंदु बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार शहर से लगभग 48 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 5.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया.
पड़ोसी देश पाकिस्तान में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से कांप उठा. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आज (शनिवार, 17 अक्टूबर) की सुबह करीब साढ़े 10 बजे 5.8 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस हुए. भूकंप का केंद्र बिंदु बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार शहर से लगभग 48 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 5.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. धरती के महज 10 किलोमीटर नीचे केंद्र बिंदु होने से भारत के जम्मू-कश्मीर में भी झटके महसूस हुए. आमतौर पर कम गहराई के भूकंप काफी ज्यादा तबाही मचाते हैं, गनीमत है कि इस बार ऐसा नहीं देखने को मिला. फिलहाल, इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है.
शिमला में भी महसूस हुए झटके
इससे पहले भारत के हिमाचल प्रदेश में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए थे. जानकारी के मुताबिक, आज सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर 4.1 तीव्रता के झटकों से पहाड़ी राज्य हिल गया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप का केंद्रबिदु शिमला में धरती की गहराई में 10 किलोमीटर अंदर दर्ज किया गया.
इन झटकों से लोग सहम गए और अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. बताया जा रहा है कि शिमला के रामपुर में भूकंप की वजह से एक अस्पताल की दीवार से पत्थर गिरने लगे. हालांकि, अस्पताल की बिल्डिंग को कोई ज्यादा छति पहुंचने की जानकारी नहीं है.
भूकंप से कोलंबिया में मची थी भारी तबाही
हाल ही में दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप ने काफी तबाही मचाई थी. यहां 7.4 तीव्रता के भूकंप से कई इमारतों को काफी नुकसान हुआ था. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप की वजह से 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारो लोग घायल हुए.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की वजह से 426 लोग अब भी लापता हैं. संयुक्त राष्ट्र ने इसे बड़ी भारी आपदा बताया है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस भूकंप के बाद देश में अभी भी करीब 12 लाख लोगों को सहायता की जरूरत है.