तिब्बत में 7.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से कांपी धरती, 339 घर ढहे, 16 की मौत, 32 घायल
Earthquake Today: फ्लैश फ्लड की तबाही के बीच भारत के पड़ोसी देश में 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी. कुदरत के इस डबल अटैक से इलाके में भारी नुकसान की आशंका है. जानिए ताजा हालात और अपडेट
गुरुवार (22 अक्टूबर) की देर शाम तिब्बत के लोगों के लिए बेहद खौफनाक साबित हुई, जब अचानक पूरी धरती जोरदार झटकों से कांप उठी. अभी हाल ही में भयानक बाढ़ की तबाही से उबरने की कोशिश कर रहे इस इलाके पर कुदरत का एक और बड़ा कहर टूटा है. बाढ़ के गहरे जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि इस शक्तिशाली भूकंप ने लोगों के दिलों में दहशत भर दी है.
नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, यह भूकंप गुरुवार रात ठीक 8:03 बजे आया. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.0 मापी गई, जो किसी भी इलाके को बुरी तरह हिला देने के लिए काफी है. झटके इतने जोरदार थे कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. राहत की बात बस इतनी रही कि भूकंप का केंद्र जमीन से 173 किलोमीटर की गहराई पर था. गहराई ज्यादा होने की वजह से सतह पर इसका असर थोड़ा कम महसूस होता है, लेकिन 7.0 की तीव्रता खुद में बहुत बड़ी और खतरनाक मानी जाती है.
एक के बाद आई दूसरी मुसीबत
तिब्बत के लोगों के लिए यह वक्त वाकई बेहद कठिन चल रहा है. अभी पिछले ही महीने इस पूरे इलाके को एक विनाशकारी बाढ़ का सामना करना पड़ा था. उस बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया था, सड़कों को नुकसान पहुंचाया था और सैकड़ों जिंदगियों को अस्त-व्यस्त कर दिया था. लोग अभी उस तबाही के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे, राहत सामग्री जुटाने और अपने टूटे घरों को संवारने में लगे थे, तभी कुछ ही दिनों के भीतर इस शक्तिशाली भूकंप ने दस्तक दे दी.
गहराई और समय को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?
भूकंप के समय और उसकी गहराई को लेकर अलग-अलग सीस्मोलॉजिकल एजेंसियों ने अपने आंकड़े जारी किए हैं-
नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (NCS): इसके अनुसार, भूकंप तिब्बत में रात 8:03 बजे आया और इसका केंद्र जमीन से करीब 173 किलोमीटर की गहराई में था.
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ): जर्मन एजेंसी ने शुरुआत में इस भूकंप की गहराई काफी कम, यानी महज 10 किलोमीटर बताई थी.
चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC): चीनी एजेंसी के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार रात लगभग 10:33 बजे उत्तरी तिब्बत के नागचू (Nagqu) इलाके में दर्ज किया गया.
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ल्हासा से 400 किमी दूर था भूकंप का केंद्र
भूकंप का मुख्य केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है. भले ही केंद्र मुख्य शहर से दूर था, लेकिन 7.0 की खतरनाक तीव्रता के कारण इसके झटके काफी बड़े दायरे में महसूस किए गए.
जान-माल के नुकसान की स्थिति?
भूकंप के तुरंत बाद से ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें अलर्ट पर हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भूकंप से नागकू शहर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. भूकंप से यहां 300 से ज्यादा घर ढह गए, जिससे करीब 16 लोगों की मौत की खबर मिल रही है. वहीं, 32 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. राहत एवं बचाव का कार्य जारी है. चीनी मीडिया ने इसे पिछले पांच वर्षों में तिब्बत क्षेत्र में आया सबसे बड़ा भूकंप बताया है.
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