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'दिल में नफरत...': फ्रांस हिंसा पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, 'इमिग्रेशन ही वजह', बॉर्डर बंद करने की दी सलाह

फ्रांस में जारी हिंसा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. ट्रंप ने हिंसा के लिए 'इमिग्रेशन' को जिम्मेदार ठहराते हुए सीमाओं को तुरंत बंद करने की सलाह दी है. जानिए ट्रंप ने इस मामले पर और क्या-क्या कहा.

Written ByRavindra Pratap Singh
Published: Oct 18, 2026, 11:30 PM IST|Updated: Oct 18, 2026, 11:41 PM IST
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'दिल में नफरत...': फ्रांस हिंसा पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, 'इमिग्रेशन ही वजह', बॉर्डर बंद करने की दी सलाह
Image Credit: 'नफरत से भरे हैं दिल': फ्रांस की हिंसा को ट्रम्प ने प्रवासन से जोड़ा, दिया सीमाएं बंद करने का सुझाव

About the Author

    Ravindra Pratap Singh

    Ravindra Pratap Singh

    रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में भड़की हिंसा के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने फ्रांस सरकार से सीमाएं बंद करने और हालात पर नियंत्रण पाने की अपील की. फ्रांस में महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन शनिवार को हिंसक हो गए. कई जगहों पर तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आईं.

    शनिवार को हुए प्रदर्शनों के बाद फ्रांस के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ. रविवार को आई रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि सैकड़ों पुलिसकर्मी और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी घायल हुए. लिमोज शहर में आगजनी के बाद 143 साल पुराने सिटी हॉल को भी नुकसान पहुंचा. इमारत के एक हिस्से के तबाह होने के बाद कर्मचारी नुकसान का आकलन करने में जुटे रहे.

    ट्रंप बोले- फ्रांस की सीमाएं बंद करो

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर फ्रांस के हालात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि फ्रांस जल रहा है और अलग दुनिया से आए लोगों के आव्रजन ने देश को तोड़ दिया है. ट्रंप ने फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने और स्थिति पर नियंत्रण करने को कहा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब फ्रांस में बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है.

    प्रदर्शनों में लाखों लोग हुए शामिल

    17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए. फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, करीब 5.5 लाख लोगों ने प्रदर्शन किया. वहीं, मजदूर संगठन सीजीटी ने यह संख्या 8 लाख बताई. प्रदर्शनों में छात्र, ट्रेड यूनियन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. उनकी प्रमुख मांगों में बढ़ती जीवन लागत पर लगाम लगाना, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहतर करना शामिल था.

    यह भी पढ़ेंः H-1B वीजा पर भारत के विरोध से बैकफुट पर जेडी वेंस! बोले- 'मेरी भाषा ठीक नहीं थी', भारतीय ससुराल को लेकर कही ये बात

    पहले भी फ्रांस पर तंज कस चुके हैं ट्रंप

    हिंसा पर बयान देने से पहले भी ट्रंप फ्रांस के हालात को लेकर तंज कस चुके थे. उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा था कि फ्रांस क्रांति करने वालों के लिए अच्छी जगह है. ट्रंप ने कहा था कि फ्रांस घूमने के लिए खूबसूरत जगह है, लेकिन वहां क्रांति और दंगों का माहौल बना रहता है. उन्होंने मजाकिया लहजे में लोगों से फ्रांस जाकर क्रांति में शामिल होने की बात भी कही थी.

    जेडी वेंस ने भी इमिग्रेशन नीतियों पर उठाए सवाल

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी फ्रांस में हुई हिंसा को पश्चिमी देशों की इमिग्रेशन और बहुसांस्कृतिक नीतियों से जोड़कर देखा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने आरोप लगाया कि विविधता और करुणा के नाम पर पश्चिमी उदारवादी नेताओं ने फ्रांस समेत दूसरे देशों में बड़ी संख्या में प्रवासियों को आने दिया, लेकिन उनके समायोजन और सांस्कृतिक अनुकूलता से जुड़े सवालों की अनदेखी की. 

    पहले भी ऐसे नतीजों के बारे में बता चुके हैं जेडी वेंस

    वेंस ने कहा कि नेताओं को पहले ही ऐसे नतीजों के बारे में चेताया गया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया. उन्होंने फ्रांस की सरकार से जल्द कदम उठाने की अपील की, ताकि देश की ऐतिहासिक इमारतों और धरोहरों को और नुकसान न पहुंचे. वेंस ने इस मुद्दे को अमेरिकी राजनीति से भी जोड़ दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को फ्रांस के हालात पर ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ नेता भी ऐसी नीतियों का समर्थन करते हैं, जिनके नतीजे फ्रांस जैसे हो सकते हैं.

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    TAGS:
    Donald trump