अमेरिका के मिशिगन प्रांत में होने वाले सीनेट चुनाव को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी अग्रेसिव नजर आ रहे हैं. रविवार (25 अक्टूबर) को मिशिगन प्रांत में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद पर जोरदार हमला बोला. अब्दुल अल-सैयद को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर से भाषा की सारी मर्यादा लांघते हुए उनकी तुलना एक आतंकवादी से की. ट्रंप ने अब्दुल अल-सैयद पर यहूदी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उन्हें समर्थन नहीं करने की अपील की. उन्होंने जनता से कहा कि एक जिहादी को कैपिटल (संसद भवन) में घुसने से रोकें. ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने अल-सैयद की तुलना 9/11 के उन आतंकवादियों से की.
अब्दुल अल-सैयद पर विवादित टिप्पणी
अब्दुल अल-सैयद पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि मिशिगन वाला आदमी काफी बुरा है. उसे मैं 'मोहम्मद' कहता हूं. राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अगर आपको दुनिया के उस हिस्से के किसी व्यक्ति के नाम को लेकर कोई सवाल हो, तो बस उसे 'मोहम्मद' कह दीजिए. 64% मामलों में आप सही ही होंगे. ट्रंप ने कहा कि अगर वह मिडटर्म इलेक्शन जीत गए, तो फिर अमेरिकी सीनेट में एंट्री से पहले मेटल डिटेक्टर से उनकी सिक्योरिटी जांच करानी चाहिए. ट्रंप इससे पहले भी अब्दुल अल-सैयद को जिहादी कह चुके हैं. राष्ट्रपति ने कहा था कि वह (अल-सैयद) मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े हुए हैं और ऐसे शख्स को हमारी सीनेट में नहीं होना चाहिए.
नोबेल को लेकर नार्वे पर उतारी खीझ
मिशिगन रैली में ट्रंप का शांति नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने का दर्द साफ देखने को मिला. उन्होंने इसे लेकर नार्वे पर भी जमकर हमला बोला. राष्ट्रपति ने कहा कि अब नॉर्वे के नागरिकों का अमेरिका में स्वागत नहीं है, क्योंकि ओस्लो स्थित नोबेल समिति ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया. राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने नॉर्वे को अपने 'शिट हाउस देशों' (बेहद खराब देशों) की सूची में शामिल कर लिया है.
'नॉर्वे एक शिट हाउस देश'- ट्रंप
ट्रम्प ने मिशिगन में एक रैली में कहा कि मुझे नॉर्वे से कोई प्यार नहीं है. सच कहूं तो नॉर्वे बहुत ही बकवास जगह है. उन्होंने आगे कहा कि असल में नॉर्वे एक 'शिट हाउस' (बेहद खराब) देश बन गया है. उन्होंने कहा कि अब नॉर्वे के नागरिकों को अमेरिका में एंट्री नहीं दी जाएगी. इससे पहले ट्रंप ने नॉर्वे और स्वीडन जैसे देशों से आने वाले प्रवासियों का स्वागत करने की बात कही थी, लेकिन शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने से वह इस बयान से पलट गए हैं.
शांति का नोबेल नहीं मिलने से नाराज ट्रम्प ने अब नार्वे को भी हैती, लीबिया, सोमालिया और यमन जैसे देशों के साथ खड़ा कर दिया है. उन्होंने इन देशों की तरह नार्वे के लिए 'शिट हाउस' की बात कही है. ट्रंप ने कहा कि 2025 में उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार क्यों नहीं मिला था, यह अब समझ में आ चुका है. इस साल तो उन्हें पक्का यह पुरस्कार मिल जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.