न वो तेवर, न जोश और ना ही कोई तंज... UNGA के मंच पर ट्रंप की बॉडी लैंग्वेज में नहीं दिखी दादागीरी!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के UNGA संबोधन में इस बार उनका अंदाज बदला हुआ नजर आया. आवाज में नरमी और बॉडी लैंग्वेज में सुस्ती दिखी. पिछले साल के मुकाबले तंज, हास्य और आक्रामक तेवर कम नजर आए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार की शाम (भारतीय समय के मुताबिक) संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 81वीं सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ईरान, वेनेजुएला, क्यूबा, ग्रीनलैंड, ICC और AI पर बात रखी. साथ ही उन्होंने एक बार फिर 8 युद्ध रुकवाने का दावा भी किया, लेकिन दुनिया की नजरें सिर्फ उनके भाषण पर नहीं, बल्कि उनके अंदाज पर भी थीं. अक्सर देखा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप के भाषण में आक्रामक तेवर, तीखे तंज, चुटीली टिप्पणियां देखने को मिलती हैं. हालांकि इस बार का उनका भाषण काफी फीका नजर आया.
संयुक्त राष्ट्र के 81वें सेशन के दौरान ट्रंप के भाषण में कई जगह सख्त रही, लेकिन उनके अंदाज में चुटीली धार और नाटकीयता उतनी नजर नहीं आई. यह फर्क इसलिए भी ज्यादा महसूस हुआ क्योंकि ठीक एक साल पहले 80वें UNGA में ट्रंप ने अपने भाषण को कई मौकों पर राजनीतिक तंज और हास्य से भर दिया था. साथ ही पिछले साल के मुकाबले डोनाल्ड ट्रंप का इस साल का भाषण भी छोटा रहा. 80वें सेशन में डोनाल्ड ट्रंप ने लगभग 56-57 मिनट भाषण दिया था. जबकि 81वें सेशन में उनका भाषण सिर्फ 37 मिनट देखने को मिला.
एस्केलेटर और टेलीप्रॉम्प्टर पर पूरी सभा को हंसाया
वैसे तो पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप को संयुक्त राष्ट्र के एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) में खराबी का मौका मिल गया था और उन्होंने अपने संबोधन के दौरान भी इसपर चुटकियां ली थीं. UN हेडक्वार्टर पहुंचने के दौरान अचानक एस्केलेटर रुक गया था और टेलीप्रॉम्प्टर को लेकर भी दिक्कत हुई थी. ट्रंप ने मंच से दोनों घटनाओं को ही अपने अंदाज में भाषण का हिस्सा बना दिया. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि UN से उन्हें इस बार सिर्फ खराब एस्केलेटर और खराब टेलीप्रॉम्प्टर मिले. UN ने बाद में एस्केलेटर की घटना पर आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि सुरक्षा तंत्र एक्टिव होने की वजह से उसने काम करना बंद कर दिया था. ट्रंप ने अपने भाषण में संयुक्त राष्ट्र की इमारत और उसके काम करने के तरीके पर भी कटाक्ष बोला था. उन्होंने कहा था कि सिर्फ सख्त शब्दों वाले पत्र लिख देने भर से जंगें नहीं रुकतीं.
80वें सेशन में डोनाल्ड ट्रंप का भाषण
यूरोप पर मारा तंज और लंदन के मेयर को भी लिया आड़े हाथों
2025 के भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप पर कटाक्ष किया था. उन्होंने यूरोप की इमिग्रेशन और ग्रीन एनर्जी पॉलिसियों को लेकर कहा बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था,'Your countries are going to hell.' इस दौरान उनके भाषण में ग्रीन एनर्जी को लेकर तंजिया अंदाज देखने को मिला था. उन्होंने 'Congratulations, Europe Great job' जैसी लाइन का इस्तेमाल किया था. उनका यह कटाक्ष काफी सुर्खियों में रहा था. ट्रंप ने अपने भाषण में लंदन के मेयर को भी नहीं बख्शा था. उन्होंने मेयर सादिक खान 'टेरिबल मेयर' तक कह दिया था.
क्या-क्या मिसिंग दिखा
अब अगर 2026 के भाषण की बात करें, तो उनका भाषण बिल्कुल भी कमजोर नहीं था. उन्होंने ईरान को लेकर बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया. अमेरिकी सेना की कार्रवाई का सख्ती से बचाव किया. इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट भी सख्ती से लताड़ा. क्यूबा को खत्म करने की बात कही, लेकिन जिस तरह ट्रंप अपनी बातें रखने के लिए पहचाने जाते हैं, बस वही तरीका देखने को नहीं मिला. पिछले साल की तरह बार-बार ठहाका पैदा करने वाली टिप्पणियां, व्यक्तिगत तंज या मंच पर अचानक हास्य का मोड़ उतनी प्रमुखता से नहीं आया.