SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

चीनी राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा: ट्रेड-टैरिफ और वार... जिनपिंग-ट्रंप की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा; US प्रेसिडेंट के सामने दो बड़ी चुनौती

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते (24 सितंबर) को अमेरिका की यात्रा करने वाले हैं. इस दौरान वह व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं के बीच तकनीक, डिफेंस, व्यापार और अन्य कई मुद्दों पर चर्चा की संभावना है.

Written By abhinav tripathi
Published: Sep 18, 2026, 10:39 AM IST | Updated: Sep 18, 2026, 10:43 AM IST
Image Credit: 24 सितंबर को मिलेंगे ट्रंप- जिनपिंग (फोटो- एआई)
Join

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 24 सितंबर को अमेरिका के दौरे पर जाने वाले हैं. करीब एक दशक बाद वह व्हाइट हाउस भी जाएंगे. इस दौरान जिनपिंग की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होनी है. दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा भी होगी. चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की यात्रा से पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच फोन पर बातचीत हुई.

दरअसल, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा होने की खबर है, लेकिन व्हाइट हाउस में ट्रंप और जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक पर कोई चर्चा नहीं की गई. माना जा रहा है कि अपने अमेरिका की यात्रा के दौरान जिनपिंग की ट्रंप के साथ व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

व्यापार बन सकता है बड़ा मुद्दा

पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा है. दोनों देशों ने पिछले दिनों एक-दूसरे पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. इसका सीधा असर वैश्विक सप्लाई चेन पर देखने को मिला. वहीं, पिछले साल दक्षिण कोरिया में ट्रंप और शी के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें दोनों देशों की ओर से टैरिफ व्यवस्था पर अस्थाई रोक लगाने की बात कही गई थी. हालांकि, यह समझौता इसी साल 10 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है.  

तकनीक के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स पर चर्चा संभव

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक के दौरान तकनीक एक अहम मुद्दा हो सकती है. माना जा रहा है कि चीन अमेरिका से उन नियमों में देरी चाहता है, जिसके अंतर्गत हजारों चीनी कंपनियों को एडवांस अमेरिकी तकनीक हासिल करने से रोका जा सके. उधर, अमेरिका चाहता है कि चीन रेयर अर्थ और दूसरे खनिजों की आपूर्ति को आसान करे. इनका इस्तेमाल हाईटेक और रक्षा क्षेत्रों में किया जाता है.

क्या ताइवान पर भी होगी बात?

दोनों देशों के नेताओं के बीच ताइवान के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है. चीन ताइवान पर अपना दावा करता रहा है. हालांकि, ताइवान को यह बिल्कुल स्वीकार नहीं है. अमेरिका ताइवान का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समर्थक और हथियार आपूर्तिकर्ता है. ऐसे में माना जा रहा है कि ताइवान के मुद्दे पर भी इस बैठक में बात होगी. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि एशिया में अमेरिका के सहयोगी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ट्रंप आर्थिक समझौते हासिल करने के लिए अमेरिकी नीतियों में बदलाव भी कर सकते हैं.

चीन और अमेरिका के बीच होगी कोई डिफेंस डील?

अगले हफ्ते होने वाली इस बैठक को लेकर कई कयास लगाए जाने लगे हैं. ट्रंप और जिनपिंग की यह इस साल की दूसरी मुलाकात होगी. दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक में राष्ट्रपति अमेरिका के लिए बड़े व्यापारिक सौदों की घोषणा करना चाहते हैं.  माना जा रहा है कि इन ऐलानों में बोइंग विमानों की खरीद और अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद शामिल हो सकते हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार, जिनपिंग के साथ एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका जा सकता है. बता दें कि चीन पहले ही अमेरिका से 200 और बोइंग विमान खरीदने की बात कह चुका है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच 500 बोइंग 737 मैक्स विमानों समेत एक बड़े सौदे की चर्चा भी की जा रही है. अमेरिका का मानना है कि चीन उसके कृषि उत्पादों की खरीद को बढ़ाए, तो चीन का उद्देश्य है कि अमेरिका टैरिफ पर राहत प्रदान करे.

ईरान मसले पर चर्चा की संभावना

कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ईरान युद्ध पर भी चर्चा की जा सकी है. चूंकि, ईरान के साथ चीन के बेहद करीबी संबंध हैं. चीन ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है. अमेरिकी राष्ट्रपति चाहते हैं कि चीन ईरान पर दबाव बनाएं, लेकिन ऐसा होना संभाव नहीं नजर आता है. हाल में ही भारत में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान एक साथ एक छत के नीचे खड़े थे.

अमेरिकी लॉ मेकर्स ने ट्रंप पर बनाया दबाव!

गौरतलब है कि जिनपिंग की वाशिंगटन की यात्रा से पहले अमेरिकी लॉ मेकर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बड़ी मांगें की हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिकी लॉ मेकर्स ने ट्रंप के सामने दो मांगे रखी हैं, जिसमें चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई और चीन को एडवांस एआई चिप्स तक पहुंच रोकने की बात शामिल है.

इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह मांग ऐसे समय पर की गई है, जब सीनेटर रो खन्ना ने अमेरिका-चीन एआई सुरक्षा समझौते पर सुनवाई का ऐलान किया है. यह सुनवाई ट्रंप और जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले यानी 23 सितंबर को होनी है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES