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शादी, घर और बच्चे... हर चीज के लिए पैसे देती है यह सरकार! क्या समचुमुच 'धरती का स्वर्ग' है ये देश?

शादी, घर और बच्चों के पालन-पोषण के लिए वित्तीय सहायता देने वाले देशों की सच्चाई जानें. जानें क्या वाकई कोई ऐसा देश है जो हर जरूरत के लिए पैसे देता है और इसे 'धरती का स्वर्ग' क्यों कहा जाता है?

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Sep 26, 2026, 05:05 PM IST | Updated: Sep 26, 2026, 05:10 PM IST
Image Credit: न काम की चिंता, न घर का खर्च: इस देश में नौकरीपेशा लोगों को मिलता है 'VIP' दर्जा, हर चीज पर सब्सिडी देती है सरकार
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आज की इस भागमभाग जिंदगी में हर एक शख्स को अपनी इनकम, नौकरी और आजीविका की चिंता लगी रहती है. अगर ऐसे में हम आपको किसी ऐसे देश के बारे में बता दें कि जहां पर इन सब की चिंता ही नहीं है तो आपको कैसे लगेगा? निश्चित ही आप एकदम से रुक कर इस देश के बारे में जानना चाहेंगे. ऐसी जगह को हम निश्चित रूप से 'धरती का स्वर्ग' ही कहेंगे. जहां बिना कोई काम किए ही सरकार हमें ढेरों पैसा भत्ते के रूप में दे रही हो. वो भी इतना कि जिससे हमारी आजीविका बेहतरीन तरीके से पूरी हो जाए बच्चों पढ़ाई का खर्च भी पूरा हो जाए और विश्वस्तरीय मेडिकल सुविधाएं भी मिल जाए.

इतना ही नहीं जब इस देश में कोई शादी करता हो तो सरकार न सिर्फ उसकी शादी का खर्च उठाती है बल्कि जब उसकी संतान होती तो वो शगुन के तौर पर इतना पैसा दे देती है कि उस संतान की पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी आसानी से निकल जाता है. इस देश के नागरिक अगर चाहें तो जिंदगी भर बिना कोई बिजनेस या नौकरी किए ही बहुत आराम की जिंदगी बिता सकते हैं. जब इस देश में कोई अपनी मर्जी से नौकरी करता है तो वहां के लोग उसे बहुत सम्मान देते हैं. यहां के नागरिकों को बिजली, पानी और रसोई गैस का बिल का भुगतान भी नहीं करना पड़ता है. ये कह सकते हैं कि यहां के निवासियों को इसके बारे में शायद पता भी न हो क्योंकि यहां की सरकार ने यहां के नागरिकों के लिए सबकुछ मुफ्त व्यवस्था करवा रखी है. अब भला कौन इस देश के बारे में नहीं जानना चाहेगा? तो चलिए अब आपको बता ही देते हैं इस देश का नाम क्या है.

'त्रिपुरा' जितना बड़ा है ये देश ‘कतर’

'कतर' ही वो देश है जहां के नागरिकों को ये सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं. अगर हम 'कतर' के क्षेत्रफल की बात करें तो ये भारत के 'त्रिपुरा' राज्य के जितना छोटा है. 'कतर' की गिनती आज दुनिया के सबसे अमीर देशों में ऊपरी पायदान पर होती है. कतर में रहने वाले आम नागरिकों की जिंदगी भी बहुत ही ठाट-बाट से बीतती है यहां रहने वाले लोग किसी राजा-महाराजा से कम हैसियत नहीं रखते हैं.  कतर की सरकार अपने नागरिकों का खयाल ऐसे रखती है जैसे हमारे देश में एक धनवान मां-बाप अपने बच्चों का रखते हैं. अगर हम कतर के मूल नागरिकों के लिए आर्थिक तंगी, गरीबी या बेरोजगारी जैसे शब्दों का प्रयोग करें तो ये उनके लिए बेमानी होगी. कतर दुनिया का ऐसा अकेला देश है जहां बोतल बंद पानी की कीमत पेट्रोल से भी महंगी है.

बिना काम किए ही ये ऐश-ओ-आराम, अगर काम कर दिया तो...

कतर की कुल आबादी में वहां के मूल नागरिकों की संख्या काफी कम है. इसके बावजूद उन्हें सरकार की ओर से कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं. इन सुविधाओं का स्तर काफी ऊंचा है. कतर के मूल नागरिकों के लिए नौकरी करना कोई बड़ी मजबूरी नहीं होती. सरकार उन्हें हर महीने आर्थिक भत्ता और दूसरी मदद देती है. इन सुविधाओं की वजह से वे बिना नौकरी किए भी आराम और सुविधाओं वाली जिंदगी जी सकते हैं. हालांकि, अगर कोई कतरी नागरिक अपनी इच्छा से नौकरी करना चाहता है, तो उसे काफी अच्छी सैलरी मिलती है. कतर में नौकरी करने वाले स्थानीय नागरिकों को समाज में काफी सम्मान भी मिलता है. उनकी अच्छी कमाई के कारण उनके लिए महंगे घर, लग्जरी विला और सुपरकार खरीदना काफी आसान हो जाता है.

शादी के बाद बच्चे के जन्म तक, सरकार देती है खर्च

दुनिया के कई देशों में शादी करना, घर बसाना और बच्चों की परवरिश करना बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी मानी जाती है. लोग शादी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उनके पालन-पोषण तक के खर्च के लिए पहले से बचत करते हैं. लेकिन कतर में स्थिति इससे अलग है. कतर की सरकार अपने नागरिकों को शादी करने और परिवार बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद देती है. जब कोई कतरी नागरिक शादी करता है, तो सरकार की ओर से उसे शादी के खर्च में मदद के तौर पर लाखों रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. शादी के लिए आर्थिक मदद के अलावा कतर में नागरिकों को बिना ब्याज के बड़ा लोन भी दिया जाता है. इसका मकसद शादी और परिवार बसाने से जुड़े आर्थिक खर्च को कम करना है.

परिवार बढ़ाने पर सरकार देती है विशेष भत्ते

कतर में परिवार बढ़ाने पर भी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है. जब किसी परिवार में बच्चे का जन्म होता है, तो उसके पालन-पोषण और देखभाल से जुड़े खर्च के लिए भी सरकार वित्तीय सहायता देती है. इस तरह कतर में शादी करने, परिवार बसाने और बच्चों की परवरिश से जुड़े खर्च में सरकार की ओर से अलग-अलग तरह की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है.

घर के लिए फ्री की जमीन और बिना ब्याज का लोन

कतर में रहने वाले नागरिकों को घर बनाने या रहने की चिंता कम होती है. कतर सरकार अपने नागरिकों को घर बनाने के लिए मुफ्त में जमीन देती है. जमीन मिलने के बाद घर बनाने के लिए सरकार बिना ब्याज के लंबे समय का कर्ज भी देती है. इससे नागरिक अपनी पसंद के अनुसार बड़ा और आलीशान घर बना सकते हैं. जब तक घर तैयार नहीं होता, तब तक सरकार रहने के लिए सरकारी आवास उपलब्ध कराती है. अगर कोई नागरिक अपना घर नहीं बनाना चाहता, तो उसे सरकार की ओर से किराया भत्ता भी दिया जाता है.

फ्री वर्ल्ड-क्लास मेडिकल व्यवस्था

कतर में नागरिकों को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़ी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं. यहां हेल्थकेयर और एजुकेशन को काफी बेहतर स्तर का माना जाता है. अगर कतर का कोई नागरिक बीमार पड़ता है, तो उसके इलाज का खर्च सरकार उठाती है. अगर किसी बीमारी का बेहतर इलाज कतर में उपलब्ध नहीं है, तो सरकार मरीज को अमेरिका या यूरोप जैसे देशों के बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए भेज सकती है. ऐसे मामलों में मरीज के इलाज के साथ-साथ यात्रा का फ्लाइट टिकट, होटल में ठहरने और अस्पताल के खर्च की जिम्मेदारी भी सरकार उठाती है.

विदेश में पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाती है

शिक्षा के क्षेत्र में भी कतर के नागरिकों को सरकारी मदद मिलती है. अगर कोई कतरी नागरिक दुनिया की किसी बड़ी और प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना चाहता है, तो सरकार उसकी पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देती है. इसमें ट्यूशन फीस के साथ विदेश में रहने और खाने का खर्च भी शामिल हो सकता है. कई मामलों में छात्रों को अन्य खर्चों के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है. इस तरह कतर अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर बड़े स्तर पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराता है.

क्या सचमुच 'धरती का स्वर्ग' है कतर?

कतर ने अपने प्राकृतिक संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल किया है. इसका फायदा वहां के नागरिकों को भी मिलता है. देश ने अपने लोगों के लिए ऐसी सुविधाएं तैयार की हैं, जिससे उनकी जिंदगी काफी आरामदायक और खुशहाल नजर आती है.  निश्चित तौर पर कतर की ये सुविधाएं उसे 'धरती का स्वर्ग' जैसा एहसास करवाती हैं. दुनिया के कई देशों में लोग टैक्स, बढ़ती महंगाई, इलाज का खर्च और बच्चों की स्कूल फीस जैसी जिम्मेदारियों को पूरा करने में अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा लगा देते हैं. वहीं, कतर के नागरिकों को सरकार की ओर से कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, जिससे वे कम आर्थिक तनाव के साथ आरामदायक और लग्जरी जीवन जीते हैं. कतर का उदाहरण दिखाता है कि अगर किसी देश के पास पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन हों और सरकार उन संसाधनों से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा अपने नागरिकों की सुविधाओं पर खर्च करे, तो लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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