स्मार्टफोन-गाड़ियों से लेकर शेयर बाजार तक पर संकट के बादल, दुनिया को बहुत महंगा पड़ने जा रहा 'चांपी' तूफान?
ताइवान से लेकर जापान और चीन को 'चांपी' तूफान ने झकझोरा हुआ है. इस तूफान से दुनिया में स्मार्टफोन-गाड़ियों से लेकर शेयर बाजार तक पर संकट के बादल छाने की आशंका जताई जा रही है.
कुदरत जब अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो इंसान का बनाया साम्राज्य दम तोड़ देता है. इस वक्त पूर्वी एशिया के तीन बड़े देश ताइवान, जापान और चीन, एक ऐसे ही महासंकट के मुहाने पर खड़े हैं जिसका नाम है तूफान चांपी. 191 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तबाही की हवाओं ने प्रशांत महासागर में एक ऐसा चक्रव्यूह रचा, जिसने ताइवान की धड़कनें रोक दी हैं. इसने जापान को हाई अलर्ट पर डाल दिया है और चीन के तटीय इलाकों में दहशत फैला दी है.
बड़ी तबाही की आशंका से कांप रहा ताइवान
ताइवान, एशिया का वो आर्थिक पावरहाउस जो कभी नहीं सोता, आज वहां चांपी तूफान के खौफ ने पूरे द्वीप को पंगु बना दिया है. प्रशांत महासागर से उठने वाली 6 मीटर ऊंची लहरें चेतावनी दे रही हैं कि अगले 48 घंटे ताइवान के लिए कितने भारी होने वाले हैं.
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस तूफान का दायरा 320 किलोमीटर से भी ज्यादा बड़ा है. इसका मतलब है कि भले ही तूफान का केंद्र ताइवान की धरती से सीधे न टकराए, लेकिन इसका विशालकाय शरीर पूरे देश को अपनी चपेट में ले चुका है.
समंदर में उठ रहीं 20 फीट ऊंची लहरें
ताइवान की सेंट्रल वेदर एडमिनिस्ट्रेशन यानी CWA का अनुमान है कि ये तूफान ताइवान के उत्तर-पूर्वी तट के समानांतर, यानी छूकर गुजरेगा लेकिन खतरा टला नहीं है. इसके असर से राजधानी ताइपे और तटीय इलाकों में 24 घंटे के भीतर 200 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है.
तटीय क्षेत्रों में 6 मीटर यानी लगभग 20 फीट से ऊंची लहरें उठ रही हैं. पहाड़ों पर मिट्टी धंस रही है और नदियां उफान पर हैं. समुद्री लहरों में बहने से 1 व्यक्ति की मौत और 94 लोग घायल हुए हैं. देश में 1300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और लोगों को बचाने के लिए सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है.
ताइवान की सेंट्रल वेदर एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक तूफान के सीधे लैंडफॉल यानी तट से टकराने की संभावना कम है. ये ताइवान के उत्तर पूर्वी तट के समानांतर गुजरते हुए उत्तर की ओर बढ़ेगा, लेकिन इसका असर अगले दो दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाओं के रूप में बना रहेगा.
देश में 669 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
ताइवान ने चांपी की चेतावनी को देखते हुए 262 घरेलू और 669 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं. राजधानी ताइपे सहित द्वीप के बड़े हिस्से में सब-वे और हाई-स्पीड ट्रेनों की सेवाएं बेहद सीमित कर दी गई हैं. ताइवान स्टॉक एक्सचेंज पूरी तरह बंद दिया गया है. राजधानी ताइपे समेत 20 से अधिक शहरों में स्कूल, कॉलेज, सरकारी और निजी दफ्तरों को बंद कर दिया गया है.
ये भी पढ़ें- तबाही का तांडव! 300 km की स्पीड से टकराएगा सुपर टाइफून 'चांपी', एशिया के इन देशों में खलबली
जानकारों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा से एक बहुत बड़ा वैश्विक आर्थिक संकट भी खड़ा हो सकता है. असल में ताइवान दुनिया का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर यानी चिप निर्माता है. अगर चांपी के चक्रव्यूह के कारण ताइवान की चिप फैक्ट्रियां लंबे समय तक ठप रहीं, तो पूरी दुनिया में स्मार्टफोन, कार और कंप्यूटर महंगे हो सकते हैं. यानी चांपी की मार सिर्फ एशिया पर नहीं बल्कि वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक ताइवान को झकझोरने के बाद, चांपी के इस चक्रव्यूह का अगला निशाना जापान हो सकता है. जापान के इशिगाकी और योनागुनी द्वीपों पर ये तूफान धावा बोल सकता है. जिसे देखते हुए अभी से ही रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है.
जापान ने खाली करवाए समंदर किनारे बसे गांव
जापानी मौसम एजेंसी JMA ने चेतावनी दी है कि जब चांपी जापान के द्वीपों से टकराएगा, तो वहां हवा की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. लिहाजा पहले से ही सावधानी बरतते हुए ट्रेनों को रोक दिया गया है और बुलेट ट्रेनों के रूट बदले जा रहे हैं. समंदर के किनारे बसे गांवों को पूरी तरह खाली कराया जा रहा है. जापान के लिए ये हफ्ता आपदा की अग्निपरीक्षा जैसा होने जा रहा है.
चांपी के चक्रव्यूह को देखते हुए चीन के शंघाई और झेजियांग प्रांतों की सांसें भी अटकी हुई हैं. हालांकि ताजा वेदर मॉडल्स ये राहत दे रहे हैं कि तूफान चीन की मुख्य भूमि यानी मेनलैंड से सीधे नहीं टकराएगा और तटीय समुद्र के ऊपर से ही उत्तर की ओर निकल जाएगा. लेकिन इसके बावजूद चीन ने कोई कोताही नहीं बरती है. चीन के पूर्वी तटीय इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.मछुआरों को समंदर से दूर रहने को कहा गया है.
ताइवान चांपी के इस चक्रव्यूह को झेल रहा है, चीन अलर्ट पर है और जापान इसके अगले प्रहार का सामना करने के लिए कमर कस चुका है. साफ है कि चांपी तूफान सिर्फ एक मौसमी घटना नहीं है, बल्कि ये तीन मुल्कों की सरकारों, उनकी अर्थव्यवस्था और करोड़ों इंसानों को कड़ी चेतावनी और सब्र का इम्तिहान है.
(ब्यूरो रिपोर्ट, जी मीडिया)