पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से एक और हमले की खबर आ रही है. पिछले शुक्रवार को मस्जिद के पास हुए एक बम धमाके के बाद, अब डेरा इस्माइल खान के दराजंदा इलाके में अमन मेले पुलिस चौकी के पास धाका हुआ है, जिसमें 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है. जबकि 30 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं. मरने वालों में दो साल की बच्ची और 3 महिलाएं भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि यह धमाका एक कार में हुआ, धमाके के बाद पुलिस चौकी पूरी तरह तबाह हो गई है.
BBC उर्दू ने रिपोर्ट रेस्क्यू 1122 के हवाले से बताया कि धमाके की जानकारी मिलते ही दराजंदा स्टेशन की राहत टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया. इसके बाद जिला इमरजेंसी अधिकारी मोहम्मद आरिफ खान के निर्देश पर डेरा इस्माइल खान से चार और एंबुलेंस और अतिरिक्त रेस्क्यूकर्मी मौके पर भेजे गए. रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि अब तक 30 घायलों को शुरुआती इलाज के बाद बाद अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. वहीं, घटनास्थल से 11 शव भी बरामद किए गए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में देखा जा सकता है कि धमाके के बाद किस तरह तबाही मची. हमले में ना सिर्फ लोगों की मौत हुई, बल्कि वायरल वीडियो में जानवरों को भी मुर्दा हालत में जमीन पर पड़ा हुआ देखा जा सकता है.
A car bomb attack targeted the Aman Mela police post in Darazinda, Dera Ismail Khan, Khyber Pakhtunkhwa, reportedly completely destroying the police post.
خیبر پختونخوا کے ڈیرہ اسماعیل خان، دارازندہ میں کار بم کے ذریعے «امان میلہ» پولیس چوکی پر حملہ کیا گیا، جس کے نتیجے میں چوکی… pic.twitter.com/e68Potd4Am— Daily Kabul News (@KaDailyNews) September 26, 2026
इससे पहले 18 सितंबर (शुक्रवार) के दिन खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में पुलिस मुख्यालय के अंदर मौजूद एक मस्जिद को निशाना बनाया गया. नमाज के लिए लोग मस्जिद में जमा थे, तभी विस्फोटकों से लदी एक कार मस्जिद के पास ब्लास्ट हो गई. जिसमें 31 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 16 लोग पुलिसकर्मी थे. हमले के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ था. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के बाद पुलिस परिसर में करीब 20 घंटे तक सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चली. पाकिस्तान पुलिस के मुताबिक कई हमलावर भी मारे गए.
कोहाट और दराजंदा में हुए दोनों धमाकों में एक चीज कॉमन देखने को मिल रही है कि दोनों ही जगहों पर पुलिस को निशाना बनाकर हमला किया गया था, लेकिन अभी उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि दराजंदा के अमन मेला पुलिस चौकी पर हुए हमले का कोहाट हमले से कोई संबंध है.