हम्माल फोर्स की हुंकार, पाकिस्तानी सेना पर BLA का सीधा प्रहार; 13 जवानों को मारने का दावा
बलोच लिबरेशन आर्मी का दावा है कि उसने ग्वादर जिले के जिवाणी में पाकिस्तान की दो बोट्स पर हमला किया है, जिसमें 13 पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड्स की मौत हो गई है.
बलोच लिबरेशन आर्मी ने बड़ा दावा किया है. उसका कहना है कि बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के जिवाणी में उसने दो नावों पर हमला किया है, जिसमें पाकिस्तानी तटरक्षक बल (PCG) के 13 जवानों की मौत हो गई.
BLA की समुद्री यूनिट, हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) ने ग्वादर के जिवाणी इलाके में पाकिस्तानी सेना के कोस्ट गार्ड की दो बड़ी नावों को एक साथ निशाना बनाया, जिसमें PCG के 13 जवान मारे गए. सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें HMDF दो नावों पर अटैक करती नजर आ रही है.
पाकिस्तान ने किया खंडन
हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि मुठभेड़ के दौरान कई जवान घायल तो हुए, लेकिन कोस्ट गार्ड बलों में किसी की मौत नहीं हुई. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, ग्वादर जिले के तटीय जलक्षेत्र में गोलीबारी तब शुरू हुई, जब PCG की गश्ती नाव ने संदिग्ध जहाजों को रोका. BLA ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में कोस्ट गार्ड ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की. सुरक्षा कर्मियों की आक्रामक जवाबी कार्रवाई ने हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर BLA हमलावरों को तट की ओर भागने पर मजबूर कर दिया. खुफिया सूत्रों से पता चला है कि भारी गोलीबारी के दौरान भाग रहे बीएलए के कई लोग हताहत हुए हैं.
अधिकारी अब अरब सागर में BLA विद्रोहियों और क्षेत्रीय तस्करी नेटवर्क के बीच मिलीभगत की बारीकी से जांच कर रहे हैं. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह हमला बीएलए गतिविधियों की आड़ में तस्करी के मुनाफे वाले अवैध रास्तों को सेफ रखने के लिए किया गया हो सकता है. जांच और तलाशी अभियान जारी रहने के बीच जिवाणी के तटीय इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
क्या बोले BLA प्रवक्ता?
BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने कहा कि मैरीटाइम विंग को 13 अप्रैल 2026 में बनाया गया था. उसने अपना पहला ही ऑपरेशन एक दिन पहले यानी 12 अप्रैल को किया था. तब उसने पाकिस्तान की एक बोट को निशाना बनाया और तीन जवानों को मौत के घाट उतार दया.
ग्वादर पोर्ट बलूचिस्तान के दक्षिण में है और लंबे वक्त से यह विवादों के केंद्र में है. बीआरआई प्रोजेक्ट के लिए चीन इसे बेहद अहम मानता है. यहां से उसकी सीधी पहुंच अरब सागर तक हो जाएगी. लेकिन बलूचों को यह पसंद नहीं. उनका मानना है कि उनकी जमीनें ले ली गई हैं लेकिन ना तो काम मिल रहा है और ना ही इलाके का विकास हो रहा है. विदेशी ताकतें उनके संसाधनों का उपयोग कर रही हैं. कभी ग्वादर एक शांत कस्बा था, लेकिन अब वहां भारी सैन्य बल तैनात है. इससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है.