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H1B वीजा पर ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका, 22 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने 1 करोड़ की फीस का किया विरोध

America H1B Visa Program: अमेरिका के 22 अटॉर्नी जनरल के एक ग्रुप ने ट्रंप प्रशासन के उस प्रस्ताव का विरोध किया है, जिसमें कुछ H1B वीजा याचिकाओं पर 100,000 डॉलर से अधिक की फीस लगाने की बात कही गई है.

Written By Shruti Kaul
Published: Sep 26, 2026, 12:46 PM IST | Updated: Sep 26, 2026, 12:47 PM IST
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World News: अमेरिका में H1B वीजा को लेकर लगातार विरोध देखने को मिल रहा है. वहीं, अब यहां 22 राज्यों के 22 अटॉर्नी जनरल के एक समूह ने प्रशासन के उस प्रस्ताव का विरोध किया है, जिसमें कुछ H1B वीजा याचिकाओं पर 100,000 डॉलर ( लगभग 1 करोड़)  से ज्यादा की फीस लगाने की बात कही गई है. उनका तर्क है कि यह कदम गैर-कानूनी है और इससे शिक्षकों, डॉक्टरों और नर्सों की कमी और बढ़ जाएगी.      

यह उन भारतीय प्रोफेशनल्स और अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो बेहद कुशल कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए H1B प्रोग्राम पर बेहद ज्यादा निर्भर हैं.

USCIS से प्रस्तावित नियम को वापस लेने की मांग 


वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जे जोन्स ने एक औपचारिक कमेंट लेटर दाखिल करने के लिए गठबंधन में शामिल होकर US सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) से प्रस्तावित नियम को वापस लेने की मांग की. एजेंसी ने 25 अगस्त को प्रस्तावित नियम बनाने का नोटिस जारी किया था. इससे उन एम्प्लॉयर्स की ओर से दायर याचिकाओं पर 103,265 डॉलर का शुल्क लगेगा जिन्हें सालाना H1B वीजा कैप से छूट प्राप्त नहीं हैं. अटॉर्नी जनरल्स ने प्रस्तावित शुल्क को टैक्स बताया. उन्होंने तर्क दिया कि एग्जीक्यूटिव ब्रांच कांग्रेस की मंजूरी के बिना ऐसा टैक्स नहीं लगा सकती. गठबंधन ने यह भी कहा कि यह नियम इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत USCIS के अधिकार क्षेत्र से बाहर होगा और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसीजर एक्ट का उल्लंघन करेगा.

पब्लिक कमेंट पीरियड पर जताया एतराज  


अटॉर्नी जनरल्स के अनुसार, प्रशासन उस बोझ को सही ठहराने में विफल रहा है जो प्रस्तावित शुल्क राज्यों पर डालेगा.  उन्होंने यह भी कहा कि USCIS ने कम नुकसानदायक विकल्पों पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया. गठबंधन ने 30 दिन के पब्लिक कमेंट पीरियड पर एतराज जताया और इसे बहुत कम और ठीक नहीं बताया. अटॉर्नी जनरल्स ने कहा कि प्रस्तावित शुल्क से राज्य और स्थानीय संस्थानों के लिए कुशल विदेशी प्रोफेशनल्स को काम पर रखना और मुश्किल हो सकता है. उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य जरूरी सेवाओं में कमी का हवाला दिया. जोन्स ने कहा,' इस श्रेणी के लोग कागजों पर सिर्फ नाम नहीं हैं. वे हमारे शिक्षक, डॉक्टर, नर्स, देखभाल करने वाले और बहुत कुछ हैं. वे हमारे पड़ोसी, दोस्त और परिवार हैं.' उन्होंने कहा,' उन्होंने यहां आने और अमेरिकन ड्रीम का हिस्सा बनने के लिए हर फॉर्म भरा है और सरकार की हर मांग को पूरा किया है.'

दरवाजा बंद कर रहे ट्रंप 


जोन्स ने प्रशासन पर समुदायों और सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ने वाले असर पर पर्याप्त रूप से विचार किए बिना अपने एग्जीक्यूटिव अधिकार का विस्तार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा,' डोनाल्ड ट्रंप एग्जीक्यूटिव पावर की सीमाओं को आगे बढ़ाकर दरवाजा बंद करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि यह प्रस्तावित नियम वर्जीनिया के लोगों पर क्या बोझ डालेगा. यहां वर्जीनिया में हम अपने समुदायों के लिए लड़ते हैं और मेरा ऑफिस यह सुनिश्चित करने के लिए हर कानूनी साधन का इस्तेमाल करेगा कि यह प्रस्ताव आगे न बढ़े.' गठबंधन ने कहा कि पिछली बार प्रशासन ने ऐसा ही शुल्क लगाने की कोशिश की थी, जिसे रद्द कर दिया गया था. इसमें कहा गया है कि नया प्रस्ताव कांग्रेस से मंजूरी लेने के बदले एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए टैक्स लगाने की कोशिश करता है.

इन राज्यों के अटॉर्नी जनरल भी शामिल 


वर्जीनिया के अलावा इस गठबंधन में कैलिफोर्निया, मैसाचुसेट्स, एरिजोना, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, हवाई, इलिनोइस, मेन, मैरीलैंड, मिशिगन और मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल भी शामिल हैं. इसमें नेवाडा, न्यू जर्सी, न्यू मैक्सिको, न्यूयॉर्क, नॉर्थ कैरोलिना, ओरेगन, वॉशिंगटन, विस्कॉन्सिन और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया भी शामिल हैं. H1B प्रोग्राम अमेरिकी नियोक्ताओं को ऐसे खास कामों के लिए विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने की इजाजत देता है, जिनके लिए आम तौर पर खास जानकारी और कम से कम बैचलर डिग्री या उसके बराबर की योग्यता की जरूरत होती है. टेक्नोलॉजी कंपनियां इसके सबसे बड़े यूजर्स में से हैं, लेकिन अस्पताल, स्कूल, यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थान भी H1B प्रोफेशनल्स को काम पर रखते हैं. (इनपुट- IANS) 

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ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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