'प्यार' की तलाश में 4124 KM चले 3 भाई, शेरों से भरे जंगल में भी नहीं मानी हार! अकेलेपन से परेशान जंगली कुत्तों की गजब कहानी
Wild Dog Partner-Seeking News: जिंदगी का अकेलापन किसी को भी परेशान कर सकता है. फिर चाहे बात इंसानों की हो या जानवरों की. आज हम आपको ऐसे तीन जंगली कुत्तों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपने 'सच्चे प्यार' की तलाश में 9 महीने तक 4124 किमी तक चलते रहे. इस दौरान उन्हें रास्ते में कई जगह शेरों का झुंड भी मिला लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
Wild Dog Long-Distance Travel News: सच्चे प्यार के लिए लोग घंटों तक ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स पर प्रोफाइल स्वाइप करते रहते हैं. लेकिन बहुत कम लोग ही ऐसे हैं, जिन्हें अपना पसंदीदा पार्टनर मिल पाता है. पसंदीदा पार्टनर की यह तलाश केवल इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी करते हैं. फर्क केवल इतना है कि वे ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन तरीके से इस काम को अंजाम देते हैं. जंगली कुत्ते भी अपने प्यार को ढूंढने में पीछे नहीं रहते. ऐसी ही एक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें 3 जंगली कुत्तों ने पार्टनर खोजने के लिए लगभग 4,124 किलोमीटर दूरी कर ली. इस दौरान वे बब्बर शेरों से भरे जंगलों से गुजरे लेकिन मेटिंग के लिए साथी ढूंढने का काम बंद नहीं किया. आइए, आज आपको इन 3 जंगली कुत्तों की दिलचस्प कहानी से रुबरु करवाते हैं.
पार्टनर ढूंढने के लिए 9 महीने में चले 4124 किमी
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जाम्बिया के जंगल में रहने वाले 3 जंगली कुत्तों को मेटिंग के लिए साथी की जरूरत महसूस हुई. पार्टनर की तलाश के लिए उन्होंने अपने झुंड को पीछे छोड़ दिया. इसके बाद वे तीनों भाई एक लंबे मिशन पर निकल पड़े. साथी खोजने के लिए वे लगातार 9 महीने तक चलते रहे. इस दौरान उन्होंने मगरमच्छों से भरी नदियों को पार किया और शेर-चीतों के खतरे से भी खुद को बचाया. इंसानों की नजरों में आए बगैर वे बस चलते रहे.
इन 9 महीनों में तीनों जंगली कुत्तों ने इतनी दूरी तय कर ली, जो अमेरिका की चौड़ाई से सिर्फ 249 मील कम है. वे पार्टनर ढूंढने के लिए 4124 किमी तक चल चुके थे. इस साल अप्रैल में उनकी यह यात्रा खत्म हुई. इसके साथ ही तीनों कुत्तों ने अफ्रीकी महाद्वीप पर किसी भी जानवर द्वारा की ओर से गई सबसे लंबी यात्रा का रिकॉर्ड भी बना दिया.
तीन जंगली कुत्तों ने मेटिंग के लिए की लंबी जर्नी
यह दिलचस्प रिसर्च मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्कॉट क्रील और उनकी टीम ने की है. उन्होंने यह रिसर्च इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की एक रिपोर्ट पढ़ने के बाद शुरू की. रिपोर्ट में बताया गया था कि जंगली अफ्रीकी कुत्तों के दुनिया भर में अब 700 से भी कम झुंड रह गए हैं, जिनमें 1700 से कम कुत्ते हैं. इनकी घटती संख्या की वजह से उन्हें लुप्तप्राय प्रजाति घोषित कर दिया गया है.
इनकी संख्या लगातार घटने की बड़ी वजह झुंडों में मेटिंग का अधिकार केवल एक प्रमुख प्रभावशाली सदस्य तक सीमित रहना है. ऐसे में जब झुंड के बाकी सदस्यों को साथी की तलाश होती है, तो वे नए परिवार की शुरुआत करने के लिए झुंड से अलग हो जाते हैं.
गले में लगाए गए जीपीएस ट्रैकर से खुला राज
ऐसे में प्रोफेसर स्कॉट क्रील ने इस जर्नी को ट्रैक करने के लिए तीन जंगली कुत्तों के गले में जीपीएस ट्रैकर लगाने का फैसला किया. इसके लिए जाम्बिया के काफु नेशनल पार्क के मायुकुयुकु झुंड में पैदा हुए तीन साल के तीनों भाइयों को चुना गया. इसके बाद वन्य कर्मियों की सहायता से उन्होंने 6 अगस्त 2025 को उनके गले में ट्रैकर लगाए और जंगल में खुला छोड़ दिया.
इसके बाद पार्टनर की तलाश के लिए कुत्तों ने अपने जीवन की अभूतपूर्व यात्रा शुरू कर दी. इसके बाद सितंबर के मध्य में तीनों कुत्ते जाम्बिया के उत्तर में अपनी बहनों से मिले. वे भी पार्टनर की तलाश में घूम रही थी. बहनों से मिलने के बाद तीनों जंगली कुत्ते आगे बढ़ गए और पूर्वी जाम्बिया की लुंगवा घाटी के एक घने जंगल में पहुंचे, जहां पर अफ्रीकी जंगली कुत्तों की सबसे बड़ी आबादी निवास करती है. क्रील का मानना है कि ये कुत्ते वहां मादाओं से जुड़ गए होंगे.
रास नहीं आ रहा था जिंदगी का अकेलापन
उनकी इस संभावना के पीछे वजह ये है कि इसके बाद उनका आगे बढ़ना रुक गया. हालांकि, यह कितना सच है. इसकी पुष्टि नहीं हो सकती है. इसकी वजह ये है कि वह दूरदराज का इलाका है, जहां पर शोध टीमों का पहुंचना बहुत मुश्किल है. प्रोफेसर क्रील का कहना कि तीनों कुत्तों की इतनी लंबी जर्नी यह दिखाती है कि अकेलापन हर किसी को काटता है. फिर चाहे वह इंसान हो या जानवर. इसलिए पसंदीदा साथी की तलाश के लिए वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाता है.