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अब पहाड़ में ही होगा वन्यजीवों का रेस्क्यू! जखोली में बनेगा सेंटर, मानव-वन्यजीव संघर्ष से मिलेगी राहत

Uttarakhand: रुद्रप्रयाग के जखोली में नया वन्यजीव ट्रांजिट कम रेस्क्यू सेंटर बनेगा. इसके लिए बजट मंजूर हो चुका है. अब रेस्क्यू किए गए गुलदार और अन्य जंगली जानवरों को देहरादून या हरिद्वार भेजने के बजाय तुरंत स्थानीय स्तर पर सुरक्षित रखा जा सकेगा.

Written By Jyoti Kumari
Published: Aug 29, 2026, 04:09 PM IST | Updated: Sep 02, 2026, 10:11 PM IST
Image Credit: Rudraprayag Wildlife Rescue Centre
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Rudraprayag Wildlife Rescue Centre: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ता संघर्ष लगातार एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है. रुद्रप्रयाग जिले के तमाम ग्रामीण इलाकों में गुलदार यानी तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल रहता है.   कई बार ये जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में भटक आते हैं या आक्रामक हो जाते हैं.ऐसे समय में इन वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ना और उनका बचाव करना वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होता था. इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए अब वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण और राहत भरी पहल की है.  

स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू सेंटर की नई शुरुआत
अब रुद्रप्रयाग जिले में जंगली जानवरों के रेस्क्यू के लिए वन विभाग को दूसरे जिलों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा.   जिले के जखोली क्षेत्र में एक आधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट कम रेस्क्यू सेंटर बनाने का फैसला किया गया है.   इसके निर्माण के लिए आवश्यक बजट को भी मंजूरी मिल चुकी है.  बजट स्वीकृत होने के बाद अब बहुत जल्द धरातल पर इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस नए सेंटर के बन जाने से स्थानीय स्तर पर ही वन्यजीवों को रेस्क्यू कर सुरक्षित रखने की व्यवस्था हो जाएगी.  

पुराने संकट और दिक्कतों से मिलेगा छुटकारा
इससे पहले जब भी जिले में किसी गुलदार या अन्य खतरनाक जानवर को पकड़ा जाता था, तो उसे रखने के लिए देहरादून या हरिद्वार स्थित रेस्क्यू सेंटरों पर निर्भर रहना पड़ता था.  वहां जानवरों को भेजने से पहले लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था और अनुमति लेनी होती थी.  देहरादून और हरिद्वार के सेंटरों में जगह की सीमित क्षमता होने के कारण कई बार तुरंत अनुमति नहीं मिल पाती थी.  इस देरी की वजह से पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन पर बुरा असर पड़ता था और पकड़े गए जानवर के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में बनी रहती थी.  

जखोली में प्रस्तावित सेंटर से बदलेगी व्यवस्था
रुद्रप्रयाग के डीएफओ विनीत कुमार मिश्रा ने इस पूरी योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जखोली में प्रस्तावित ट्रांजिट सेंटर के बन जाने के बाद व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा.   किसी भी जंगली जानवर को रेस्क्यू करने के तुरंत बाद बिना किसी देरी के यहां लाया जा सकेगा और उसे सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस सेंटर की कुल क्षमता और इसके विशेष डिजाइन का पूरा ढांचा तैयार करके उच्च अधिकारियों के पास स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है.   उच्च स्तर से अंतिम मंजूरी मिलते ही निर्माण और आगे की आवश्यक कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी जाएगी.   यह सेंटर न केवल जंगली जानवरों के जीवन की रक्षा करेगा, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों के ग्रामीणों को भी भयमुक्त वातावरण देने में मददगार साबित होगा.  

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About the Author

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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