)
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. पिछले दो दिनों से पहाड़ से लेकर मैदान तक छाए बादलों के बीच ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई. शुक्रवार को केदारनाथ में खूब बर्फबारी हुई. जबकि, मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश ने तापमान को तेजी से नीचे गिरा दिया है. इस बदलाव से देवभूमि में अक्टूबर के अंत में ही ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं.
शुक्रवार दोपहर बाद भले ही बादलों की आवाजाही कम हुई और हल्की धूप खिली, लेकिन सर्द हवाओं ने ठिठुरन को काफी बढ़ा दिया. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देहरादून समेत राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा लुढ़क गया है. सुबह और शाम के समय लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं. आज भी मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है.
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार को भी पर्वतीय इलाकों में गर्जन के बिजली चमकने के आसार हैं. पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कुछ पहाड़ी इलाकों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने का यलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग का कहना है कि दो नवंबर तक पूरे उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आएगा. आने वाले कुछ दिनों तक पर्वतीय इलाकों में बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बारिश-बर्फबारी का यह दौर जारी रह सकता है. हालांकि, निचले इलाकों में धूप खिलने से मौसम साफ रहने के आसार हैं. इसके बाद तीन नवंबर से मौसम साफ हो जाएगा.
अब अगर तापमान की बात करें तो शुक्रवार को देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री लुढ़का. जिसके साथ 22.0 डिग्री दर्ज किया गया. इससे पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से आठ डिग्री कम था. ऐसा ही हाल राज्य के अन्य इलाकों में भी दिखा. मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.