Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में कुदरत का डबल अटैक! हेमकुंड-बदरीनाथ में बर्फबारी, देहरादून समेत 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
Uttarakhand ka Mausam: 27 सितंबर के लिए देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है. जबकि, नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. ऐसे में जानिए अगले कुछ दिन मौसम कैसा रहेगा?
Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर खतरनाक हो चला है. राज्य के निचले और मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, तो वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस सीजन की पहली जोरदार बर्फबारी शुरू हो चुकी है. मौसम की इस दोहरी मार को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 सितंबर के लिए देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है. वहीं नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक, गौमुख व बदरीनाथ में बिछी बर्फ
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके और चोटियों में बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और गौमुख ट्रैक से ताजा बर्फबारी की शानदार तस्वीरें सामने आई हैं. हेमकुंड साहिब के पैदल मार्ग पर बर्फ जमने से फिसलन और यात्रियों के चुटिल होने का खतरा बढ़ गया है.
मौसम के इस खतरनाक तेवर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गढ़वाल आयुक्त ने 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है. यात्रियों और ट्रैकर्स को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की हिदायत दी गई है.
लैंडस्लाइड से सड़कें ठप, नैनीताल-हल्द्वानी रूट प्रभावित
कुमाऊं से लेकर गढ़वाल मंडल तक लगातार बारिश के कारण चट्टानें खिसकने और मलबे की चपेट में आने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है. अकेले नैनीताल जिले में 2 स्टेट हाईवे समेत कुल 11 सड़कें मलबा आने से पूरी तरह बंद हो चुकी हैं. लाइफलाइन माने जाने वाले हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोगांव के पास पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे लंबी कतारें लगी हैं.
अल्मोड़ा हाईवे पर भी कई स्थानों पर लैंडस्लाइड होने से आवाजाही प्रभावित हुई है. हालांकि, प्रशासन की जेसीबी मशीनें रास्ते खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों से राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं.
खटीमा और पिथौरागढ़ में टूटा बारिश का रिकॉर्ड
कुमाऊं के सीमांत क्षेत्रों में बारिश ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. उधम सिंह नगर के खटीमा में पिछले 24 घंटों में 95 मिमी और पिथौरागढ़ में 65 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है. देहरादून और हरिद्वार के शहरी क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है.
कब मिलेगी आफत से राहत?
अब अगर अगले कुछ दिनों के मौसम की बात करें तो 28 सितंबर को देहरादून, उत्तरकाशी और हरिद्वार में भारी बारिश बनी रहेगी, गढ़वाल में आकाशीय बिजली गिरने और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है. 29 सितंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि अन्य जिलों में बहुत हल्की बारिश हो सकती है. 30 सितंबर को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है. वहीं हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रह सकता है.
मौसम विभाग का कहना है कि 1 और 2 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में केवल हल्की बारिश हो सकती है, जबकि उत्तराखंड के बाकी सभी जिलों में मौसम साफ व शुष्क रहेगा.