उत्तराखंड में मौसम का 'रेड अलर्ट': आज 5 तो कल देहरादून समेत 4 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, चोटियों पर गिरेगी बर्फ
Uttarakhand ka Mausam: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 सितंबर से राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है. ऐसे में जानिए अगले कुछ दिन मौसम कैसा रहेगा?
Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में 26 सितंबर को मौसम बिगड़ने की आशंका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. वहीं, देहरादून समेत कई अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है. मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और तेज हवाओं के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका बनी हुई है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट है.
5 जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
आज यानी 26 सितंबर को कुमाऊं मंडल के पांच जिलों में बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने इन जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. जिन जिलों में बहुत भारी बारिश होगी वो हैं, बागेश्वर,नैनीताल,पिथौरागढ़,चंपावत और ऊधम सिंह नगर. इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी सड़कों पर मलबा आने का खतरा हो सकता है. संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
देहरादून समेत 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और पहाड़ी मार्गों पर आवाजाही में परेशानी की आशंका है. स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट रहने की जरूरत है।
4000 मीटर से ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार
बारिश के साथ ही उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 4000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है. इससे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ सकती है. चारधाम यात्रा मार्गों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है.
भूस्खलन और जलभराव का खतरा, सतर्क रहें
पहाड़ी जिलों में लगातार या अत्यधिक बारिश से भूस्खलन, पहाड़ी नालों में अचानक पानी बढ़ने और सड़कों पर मलबा आने की आशंका रहती है. वहीं, मैदानी क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है.
प्रशासन की अपील और श्रद्धालुओं को सलाह
चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों के पास न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है.मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। यात्रा या बाहर निकलने से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा मौसम बुलेटिन व एडवाइजरी की जानकारी जरूर लें.