उत्तराखंड में मानसून की 'आखरी चाल': आज 5 जिलों में रिमझिम बारिश, 25 सितंबर को बिगड़ेगा मौसम का मिजाज
Uttarakhand ka Mausam: मानसून की विदाई से पहले उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है. राज्य के कुछ पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने 25 सितंबर तक के लिए भविष्यवाणी की है. पढ़िए वेदर अपडेट...
Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. जहां मैदानी इलाकों में गर्मी से राहत बनी हुई है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों का डेरा जमा हुआ है. मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां चुनिंदा पहाड़ी जिलों तक सीमित रहेंगी, लेकिन 25 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है.
22 और 23 सितंबर को पर्वतीय जिलों में बूंदाबांदी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को पर्वतीय इलाकों में आंशिक बदलाव देखने को मिलेगा. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है. इन दो दिनों के दौरान राज्य के शेष मैदानी व निचले जनपदों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा. हालांकि, 22 सितंबर के लिए मौसम विभाग की ओर से जिला-स्तर पर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है. फिर भी पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को स्थानीय मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
25 सितंबर को तेज बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
मौसम का सबसे बड़ा बदलाव 25 सितंबर को देखने को मिल सकता है. IMD के अनुसार, 25 सितंबर से मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी. कुमाऊं मंडल और उससे सटे इलाकों में बारिश का प्रकोप बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जनपदों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना जताई है. इन जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश का दौर काफी तीव्र हो सकता है, जिससे नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड की आशंका बढ़ जाती है.
प्रशासन और यात्रियों के लिए एडवाइजरी
बदलते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों सतर्क रहने की अपील की है. पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मार्ग की स्थिति और मौसम अपडेट की पूरी जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें. भारी बारिश के अलर्ट वाले जिलों में प्रशासनिक टीमों को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
कुल मिलाकर, मानसून विदाई से पहले उत्तराखंड में एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाला है. 25 सितंबर तक पहाड़ी इलाकों में सफर करने वालों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और मौसम के पल-पल बदलते मिजाज पर नजर बनाए रखने की सख्त जरूरत है.