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Haldwani Sports University: राष्ट्रीय खेल दिवस के खास मौके पर उत्तराखंड को खेल जगत में एक ऐतिहासिक सौगात मिली है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के गौलापार में राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय का भव्य शुभारंभ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में 4,350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक ऑडिटोरियम और हॉस्टल निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया.
खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर मंच और सुविधाएं
कार्यक्रम में पहुंचे खिलाड़ियों और बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलों को बढ़ावा देने के विज़न पर काम करते हुए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस खेल विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और एक सही मंच मिलेगा, जो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगा.कार्यक्रम में मौजूद सांसद अजय भट्ट ने कहा कि सरकार उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है. इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्य, स्थानीय विधायक और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
1 सितंबर से शुरू होगी पढ़ाई, 39 खेलों की मिलेगी ट्रेनिंग
जानकारी के मुताबिक,खबर है कि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अमित सिन्हा ने बताया कि इस संस्थान में 39 अलग-अलग प्रकार की खेल गतिविधियों को शामिल किया गया है.
शैक्षणिक सत्र: विश्वविद्यालय में 1 सितंबर से विभिन्न खेल विषयों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां विधिवत शुरू हो जाएंगी.
विश्वस्तरीय प्रशिक्षण: खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ उससे जुड़ी तकनीकों, शारीरिक फिटनेस और खेल प्रबंधन की भी शिक्षा दी जाएगी.
भविष्य की योजनाएं: आने वाले समय में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की नई-नई खेल प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन लगातार किया जाएगा.
उत्तराखंड की नई पहचान बनेगा गौलापार
हल्द्वानी का गौलापार अब केवल एक प्रशासनिक या रिहायशी इलाका नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल नक्शे का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. अब तक राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग और खेल की बारीकियां सीखने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था. इस विश्वविद्यालय के बनने से न सिर्फ स्थानीय युवाओं को घर के पास ही उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यहां से तराशे गए खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगे.