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उत्तराखंड का सबसे बड़ा जिला कौन सा है? जहां घूमते-घूमते थक जाएंगे, खूबसूरती देखकर रह जाएंगे दंग

Largest District of Uttarakhand: उत्तराखंड अपनी अनूठी संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. साल 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर एक नया राज्य बना, जिसे शुरुआत में उत्तरांचल नाम दिया गया था. उत्तराखंड में कुल 13 जिले हैं जो गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में बंटे हैं। इनमें से क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा जिला चमोली है.

Written By Jyoti Kumari
Published: Aug 29, 2026, 06:08 PM IST | Updated: Aug 29, 2026, 06:12 PM IST
Image Credit: Largest District of Uttarakhand
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Which is largest district Uttarakhand: उत्तराखंड अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, धार्मिक स्थलों, अनोखी संस्कृति और परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने पहुंचते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड का क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा जिला कौन सा है? यह जिला इतना बड़ा है कि यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों को घूमने में आपको कई दिन लग सकते हैं. हम बात कर रहे हैं चमोली जिले की.

चमोली उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में स्थित है और करीब 8030 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. उत्तराखंड में कुल 13 जिले हैं, जिन्हें गढ़वाल और कुमाऊं, दो मंडलों में बांटा गया है. क्षेत्रफल के लिहाज से इन सभी जिलों में चमोली सबसे बड़ा है.

चिपको आंदोलन से भी जुड़ा है चमोली
चमोली केवल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए गए प्रसिद्ध चिपको आंदोलन के लिए भी जाना जाता है. इस आंदोलन ने पूरी दुनिया का ध्यान पहाड़ों और जंगलों की रक्षा की ओर खींचा था. यहां के जंगल, नदियां, पहाड़ और घाटियां आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं.

जिले में कई प्रशासनिक क्षेत्र हैं. यहां 9 ब्लॉक, 1244 गांव और 12 तहसील हैं. इसके अलावा जिले में 9 पुलिस स्टेशन भी हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चमोली की जनसंख्या करीब 3.91 लाख है, जबकि यहां की साक्षरता दर 82.65 प्रतिशत के आसपास है.

प्राचीन इतिहास से जुड़ा है जिला
चमोली का इतिहास भी काफी पुराना है. इसका संबंध प्राचीन भारतीय धार्मिक और ऐतिहासिक ग्रंथों से जोड़ा जाता है. वेदों, पुराणों, रामायण और महाभारत में इस क्षेत्र का उल्लेख मिलता है. इतिहास के अलग-अलग दौर में यहां कई राजवंशों और शासकों का प्रभाव रहा. गोरखाओं के आक्रमण के दौर में यहां संघर्ष हुआ और सुरक्षा के लिए कई किलों का निर्माण भी किया गया.

चमोली पहले पौड़ी गढ़वाल का हिस्सा था. बाद में 1960 में इसे अलग जिला बनाया गया. वर्ष 1803 में आए विनाशकारी भूकंप ने भी इस क्षेत्र को प्रभावित किया था.

घूमने के लिए एक से बढ़कर एक जगहें
चमोली की सबसे बड़ी खासियत यहां के पर्यटन स्थल हैं. यहां फूलों की घाटी, औली, रुद्रनाथ मंदिर, बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जैसे प्रसिद्ध स्थल मौजूद हैं. फूलों की घाटी अपनी रंग-बिरंगी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मशहूर है, वहीं औली बर्फीली पहाड़ियों और स्कीइंग के लिए जाना जाता है.

धार्मिक पर्यटन की बात करें तो बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब देशभर के श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखते हैं. यही वजह है कि चमोली को प्रकृति, रोमांच और आस्था का अनोखा संगम कहा जा सकता है. उत्तराखंड की यात्रा करने वालों के लिए चमोली ऐसा जिला है, जहां पहाड़ों की खूबसूरती देखने के साथ-साथ इतिहास, संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी करीब से समझा जा सकता है.

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About the Author

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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