चार धाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू: बदरी-केदार में भीड़, केदारनाथ हेली सेवा भी शुरू, यातायात और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम
Char dham yatra 2026: उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के दूसरे चरण (Second Phase) की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है. श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है.
Char Dham Yatra Phase 2: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत आज से हो गई है. बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दूसरे चरण की यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. यात्रा के इस चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं. चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में सबसे ज्यादा जोर यातायात व्यवस्था, पार्किंग, श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन पर रहेगा. प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और श्रद्धालुओं को अनावश्यक जाम या पार्किंग की समस्या का सामना न करना पड़े.
चारों धामों में व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट
दूसरे चरण की यात्रा शुरू होने के साथ ही बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं. यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के साथ ही प्रमुख पड़ावों और पार्किंग स्थलों पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है. श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति में यातायात को नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार वाहनों को निर्धारित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था पर भी फोकस रहेगा.
VIP अतिथियों को दर्शन के लिए नहीं देना पड़ेगा शुल्क
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में आने वाले वीआईपी अतिथियों को दर्शन के लिए शुल्क नहीं देना पड़ेगा. बीकेटीसी ने फिलहाल शुल्क व्यवस्था को स्थगित करने का निर्णय लिया है.
केदारनाथ के लिए आज से हेलिकॉप्टर की उड़ान
करीब सवा दो महीने बाद केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से हेली सेवा शुरू होगी. गुप्तकाशी, सिरसी व फाटा हेलीपैड से नौ एविएशन कंपनियों के हेलिकॉप्टर उड़ान भरेंगे. मौसम खराब रहने की स्थिति में हेलिकॉप्टरों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सोमवार को हेमकुंड साहिब की 15 से 30 सितंबर तक की यात्रा के लिए हेली टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है.
पार्किंग व्यवस्था पर विशेष नजर
चारधाम यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियों में पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट शामिल है. चार धाम यात्रा के दूसरे चरण में इसको लेकर प्रशासन विशेष रणनीति के साथ काम करेगा. यात्रा मार्गों पर उपलब्ध पार्किंग स्थलों का बेहतर इस्तेमाल करने और सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन की कोशिश रहेगी कि श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण यात्रा मार्गों पर जाम की स्थिति न बने. इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और यातायात कर्मियों की तैनाती तथा वाहनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी.
यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट बनेगा चुनौती
दूसरे चरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रशासन के लिए अहम चुनौती रहेगा. बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले मार्गों के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में प्रशासन को यात्रा मार्गों पर जाम की स्थिति से बचने, वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी रहेगा जोर
सरकार ने यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर भी नजर रखी जाएगी. इसके साथ ही मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके.
चारधाम यात्रा का दूसरा चरण क्यों अहम?
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में मौसम में बदलाव और यात्रा मार्गों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती रहती है. ऐसे में सरकार का फोकस केवल श्रद्धालुओं की संख्या को संभालने पर नहीं, बल्कि सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने पर रहेगा. प्रशासन की प्राथमिकता है कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान कम से कम परेशानी हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे.