इलेक्शन मोड में BJP: उत्तराखंड की 70 सीटों के लिए तैनात किए प्रभारी, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी?
Uttarakhand Vidhan Sabha Chunav: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने 70 प्रभारियों की लिस्ट जारी कर दी है. इसमें 3 महिलाओं को जगह दी गई है.
राम अनुज/देहरादून: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर उत्तराखंड में सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए अपने 70 प्रभारियों की आधिकारिक घोषणा कर दी है. इसको लेकर जिसको लेकर सियासी घमासान देखने को मिल रहा है.
उत्तराखंड में सियासी पारा बढ़ा
भाजपा ने 70 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की सूची की घोषणा के बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है. कांग्रेस पार्टी ने इस सूची पर सवाल उठाते हुए तंज कसा है. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा हमेशा इसी तरह की राजनीति करती है. कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं को सिर्फ 'लॉलीपॉप' थमाया जा रहा है और इस तरह की नियुक्तियों से धरातल पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है. कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमरेंद्र बिष्ट का कहना है ना तो इसमें महिलाओं को जगह मिली और ना ही इसमें कार्यकर्ताओं को सही तरीके से एडजस्ट किया गया. दायित्वधरियों को ही प्रभारी बना दिया गया.
सभी वर्गों को साधने की कोशिश
वहीं, बीजेपी ने प्रभारियों के नामों का ऐलान करने में जातिगत और सामाजिक समीकरण का पूरा ध्यान रखा है. उत्तराखंड में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं. इसमें ठाकुर (राजपूत) के 33 प्रभारी नियुक्त किए गए हैं. वहीं, ब्राह्मण वर्ग से 19 प्रभारी नियुक्त किए गए हैं. अन्य जातियां और वर्गों में जैसे वैश्य, सिख, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग से 18 प्रभारी बनाए गए हैं. इन समीकरणों और आलोचनाओं के बीच, भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. एससी-एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बलवीर गुनियाल का कहना है कि इस सूची में सभी जातियों और वर्गों का पूरा समावेश रखा गया है और पार्टी ने एक बहुत ही संतुलित और अच्छा फैसला लिया है.
कांग्रेस पर किया पलटवार
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है. इसलिए वह भाजपा की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और सूची पर बेवजह सवाल उठा रही है. उन्होंने साफ किया कि भाजपा अपने कर्मठ कार्यकर्ताओं के साथ संगठन को और अधिक मजबूत करते हुए आगामी चुनाव को पूरी ताकत से जीतने की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि भाजपा ने जिन 70 प्रभारियों को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे अपने-अपने क्षेत्रों में किस प्रकार संगठन के समन्वय जैसे बिठाते हैं पार्टी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं.