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सिलक्यारा टनल को लेकर आई सबसे बड़ी खबर: मार्च 2027 में पूरा हो जाएगा निर्माण कार्य, जानें कब से दौड़ेंगे वाहन?

उत्तरकाशी की बहुचर्चित यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रहे सिलक्यारा टनल का निर्माण कार्य मार्च 2027 में पूरा हो जाएगा. 2027 चारधाम यात्रा का संचालन इसी टनल से होगा. ज़ी मीडिया से बातचीत के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर ने इसकी जानकारी दी है.

Written By Pooja Singh
Published: Oct 22, 2026, 08:54 AM IST | Updated: Oct 22, 2026, 08:59 AM IST
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उत्तरकाशी, हेमकांत नौटियाल: उत्तरकाशी जनपद में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रहे बहुचर्चित सिलक्यारा टनल को लेकर अब तक का सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है. इस परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा हो जाएगा. इसके साथ ही 2027 में चारधाम यात्रा का संचालन इसी टनल के जरिए किया जाएगा. ज़ी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रोजेक्ट मैनेजर रविकांत ने पुष्टि की है कि टनल का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है.

20 से 25 किलोमीटर घटेगी दूरी
सिलक्यारा टनल के शुरू होने से न सिर्फ यात्रियों को, बल्कि स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है. मौजूदा वक्त में जो सफर काफी कठिन और लंबा लगता है, इस टनल के चालू होने के बाद वह सफर आसान हो जाएगा. यमुनोत्री धाम की दूरी करीब 20 से 25 किलोमीटर तक कम हो जाएगी. समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यमुनोत्री के दर्शन करना आसान और सुरक्षित हो जाएगा. उत्तरकाशी के विकास में यह टनल एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है.

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चुनौतियों और हादसों से भरा रहा सफर
आपको बता दें, चारधाम ऑलवेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत सिलक्यारा को पोलगांव बड़कोट से जोड़ने के लिए यह 4.5 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है. इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) की देखरेख में दक्षिण भारत की नवयुगा इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड कर रही है. यह परियोजना 2019 में शुरू हुई, जिसे 2022 तक पूरा होना था, लेकिन एलाइनमेंट और तकनीकी समस्याओं के कारण इसमें देरी हुई.

इसके बाद अप्रैल 2024 की डेडलाइन तय की गई, लेकिन नवंबर 2023 में हादसा हो गया. सुरंग का एक हिस्सा धंसने से 41 मजदूर अंदर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिनों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया.

अप्रैल 2025 में मिली थी बड़ी कामयाबी
इस हादसे के बाद काम को रोक दिया गया था. मरम्मत और डि-वाटरिंग के जटिल काम के बाद जब निर्माण दोबारा शुरू हुआ, तो प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ी. अप्रैल 2025 में टनल को सफलतापूर्वक आर-पार (Breakthrough) कर लिया गया था. अब कुछ अंतिम तकनीकी सुधारों को पूरा करते हुए मार्च 2027 की समय सीमा तय की गई है, जिससे चारधाम यात्रा 2027 को एक नया और सुरक्षित मार्ग मिलेगा.

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About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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