नैनीताल में दूषित पानी से हाहाकार: ज्योलीकोट में अब तक 2 की मौत, 100 से ज्यादा बीमार
Nainital News: ज्योलीकोट इलाके में पिछले कई दिनों से दूषित पानी की सप्लाई होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं. ग्रामीण उल्टी, दस्त, बुखार और पीलिया से ग्रसित हो रहे हैं. मामले को हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है.
विनोद कांडपाल/हल्द्वानी: नैनीताल के ज्योलीकोट इलाके में दूषित पानी की सप्लाई ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दूषित पानी पीने से अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं. हालात को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट भी सख्त है और जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को कड़ी फटकार लगाई गई है. आखिर पानी में जहर कैसे घुला?. क्या सीवर लाइन में लीकेज इसकी वजह बनी?.
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
नैनीताल के ज्योलीकोट इलाके में दूषित पानी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. इलाके में बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाए हैं. बीमार लोगों की जांच और इलाज किया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा गया है. अदालत ने लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई है.
नैनीताल विधायक ने भी दुख जताया
वहीं, नैनीताल विधायक सरिता आर्य ने दो लोगों की मौत को बेहद दुखद बताया है. विधायक सरिता आर्य का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और फिलहाल प्राथमिकता बीमार ग्रामीणों का इलाज है. पेयजल विभाग के अधीक्षण अभियंता विशाल सक्सेना ने कहा है कि सीवर लाइन में लीकेज की जांच की जा रही है. अगर जरूरत पड़ी तो भविष्य में सीवर लाइन को शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा सकता है. यानी अब जांच के जरिए ये पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर पानी दूषित होने की असली वजह क्या है?.
ब्लॉक प्रमुख ने लगाए आरोप
भीमताल के ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट ने भी मामले को लेकर चिंता जाहिर की है. उनका आरोप है कि सिस्टम की लापरवाही ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है. फिलहाल बीमार ग्रामीणों का अस्पतालों में इलाज जारी है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही हैं, लेकिन बड़ा सवाल अब भी यही है कि दूषित पानी की सप्लाई के लिए जिम्मेदार कौन है?.