SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

नैनीताल के ज्योलिकोट में पेयजल संकट: नलों से आया दूषित पानी तो कटे कनेक्शन, अब ऐसे बुझ रही लोगों की प्यास

Nainital Jyolikot Water Crisis: नैनीताल के ज्योलिकोट और आसपास के गांवों में नलों से दूषित पानी आने की शिकायत के बाद पेयजल संस्थान ने गांवों की मुख्य सप्लाई काट दी है. लैब टेस्ट में पानी के सैंपल फेल पाए जाने पर संदिग्ध जल स्रोतों को बंद कर दिया गया है. ग्रामीणों की सुविधा के लिए अब विभाग टैंकरों के जरिए सप्लाई लाइन में पानी पहुंचा रहा है. सभी जल स्रोतों की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही शुद्ध पानी की आपूर्ति बहाल की जाएगी.

Written By Pooja Singh
Published: Sep 17, 2026, 08:10 AM IST | Updated: Sep 17, 2026, 08:15 AM IST
Join

Nainital Jyolikot Water Crisis/ विनोद कांडपाल: उत्तराखंड के नैनीताल के ज्योलिकोट और उसके आसपास के गांवों में पेयजल आपूर्ति को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. यहां नलों में दूषित पानी आने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों और जल नमूनों (Water Samples) के फेल पाए जाने के बाद जल संस्थान ने कड़ा एहतियाती कदम उठाया है. विभाग ने गांवों की मुख्य पेयजल आपूर्ति लाइन को डिस्कनेक्ट कर दिया है. इतना ही नहीं, कई संदिग्ध जल स्रोतों से पानी की सप्लाई पूरी तरह रोक दी है.

क्यों उठाना पड़ा यह बड़ा कदम?
पिछले कुछ दिनों से ज्योलिकोट और समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोग शिकायतें दर्ज करा रहे थे. गांव वालों का आरोप था कि नलों से आने वाला पानी मटमैला और दूषित है, जिससे संक्रामक बीमारियों और जलजनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जल संस्थान की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों के कई जल स्रोतों से पानी के सैंपल एकत्र किए और उन्हें लैब टेस्ट के लिए भेजा. प्रारंभिक जांच में कई स्रोतों के सैंपल फेल पाए गए, जिसके बाद विभाग ने बिना किसी देरी के दूषित पानी की सप्लाई बंद करने का फैसला लिया.

क्या है जल संस्थान का बैकअप प्लान?
मुख्य सप्लाई बंद होने के बाद गांव वालों के सामने पानी की भारी किल्लत न हो, इसके लिए पेयजल संस्थान ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है. विभाग अब टैंकरों के माध्यम से गांवों में पानी पहुंचा रहा है. एक व्यवस्था के तहत गांव की ओर जाने वाली वितरण लाइनों (Distribution Lines) को मुख्य स्रोत से काटकर सीधे टैंकरों से जोड़ा जा रहा है, ताकि लोगों के घरों के पास तक साफ और सुरक्षित पानी पहुंचाया जा सके.

सैंपल रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
पेजल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी संदिग्ध जल स्रोतों की विस्तृत लैबोरेट्री रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक किसी भी अनिश्चित स्रोत से पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी. फिलहाल सभी जल स्रोतों की पूर्ण जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन से स्रोत सुरक्षित हैं और किन स्रोतों से दोबारा नलों में पानी की सप्लाई शुरू की जा सकती है. जिन स्रोतों में संक्रमण या गंदगी पाई जाएगी, उनका ट्रीटमेंट और सफाई के बाद ही उपयोग किया जाएगा.

ग्रामीणों की स्थिति और आगे की राह
अचानक मुख्य सप्लाई कटने और टैंकर आधारित व्यवस्था लागू होने से गांव वालों की दिनचर्या प्रभावित हुई है. हालांकि, दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों के खतरे को देखते हुए ग्रामीण भी संयम बरत रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. ताकि, कोई स्वास्थ्य आपातकाल न बने.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES