चारधाम की तर्ज पर कैंची धाम में रजिस्ट्रेशन: श्रद्धालुओं का आंकड़ा 35 लाख पार, अब बदलेंगे दर्शन से जुड़े नियम
अब कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन के नियम बदल जाएंगे. श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है. इसे लेकर संयुक्त प्रस्ताव उत्तराखंड शासन को भेजा जा चुका है.
हल्द्वानी, विनोद कांडपाल: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में जाने वालों के लिए जरूरी खबर है. अब बाबा नीम करौली के दर्शन के नियम बदलने वाले हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह बदलाव होने जा रहा है. अब चारधाम यात्रा की तर्ज पर रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू होने वाली है. इस संबंध में नैनीताल के जिलाधिकारी और एसएसपी की ओर से संयुक्त प्रस्ताव उत्तराखंड शासन को भेजा जा चुका है. अब शासन की अंतिम मंजूरी का इंतजार है.
श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा
दरअसल, कैंची धाम में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. जिसका सीधा असर हल्द्वानी से लेकर भीमताल, भवाली और कैंची धाम तक की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है. आए दिन लगने वाले जाम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ओर आने-जाने वाले स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती है.
प्रशासन के पास होगा आंकड़ा
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने के बाद प्रशासन के पास कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और पहाड़ों की ओर जाने वाले वाहनों का व्यवस्थित आंकड़ा उपलब्ध होगा. इससे भीड़ और यातायात का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी. प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन करने में परेशानी न हो और स्थानीय लोगों को भी जाम से राहत मिल सके.
अलग-अलग गेट बनाने के निर्देश
श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित बनाने के लिए कुमाऊं कमिश्नर और नैनीताल जिला प्रशासन की ओर से कैंची धाम मंदिर समिति को प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे.
कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
अब एक नजर कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या पर डालते हैं. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 में कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 3 लाख 29 हजार थी. साल 2022 में यह संख्या बढ़कर लगभग 5 लाख 20 हजार हो गई. साल 2023 में करीब 7 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे. साल 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 10 लाख हो गया. साल 2025 में करीब 13 लाख श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे.
यातायात और भीड़ प्रबंधन की चुनौती
वहीं, साल 2026 में अब तक श्रद्धालुओं की संख्या करीब 35 लाख पहुंच गई है. यानी कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या अब प्रशासन के लिए यातायात और भीड़ प्रबंधन की बड़ी चुनौती बनती जा रही है. ऐसे में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था और प्रवेश-निकास के अलग-अलग गेट की योजना कितनी कारगर साबित होगी, यह शासन की मंजूरी और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के बाद स्पष्ट होगा.
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