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हरिद्वार में गंगाजल का संकट: हर की पौड़ी पर कम हुआ पानी, जानें कब तक करना होगा इंतजार

हरिद्वार में गंगनहर बंद होने का असर अब हर की पौड़ी पर दिखने लगा है. गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

Written By Amitesh Pandey
Published: Oct 21, 2026, 11:58 PM IST | Updated: Oct 22, 2026, 03:25 PM IST
Image Credit: Z Creative (AI Image)
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उत्तराखंड के हरिद्वार में गंग नहर बंद होने से हर की पौड़ी में पानी का लेवल कम हो गया. इसके चलते हर की पौड़ी में गंगा स्नान करने आ रहे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं धार्मिक आयोजनों में भी रुकावट आ रही है. स्थानीय लोगों को भी गंगाजल आपूर्ति दोबारा शुरू होने का इंतजार है.

हर की पौड़ी में कम हुआ गंगा का पानी 
दरअसल, हरिद्वार में ऊपरी गंगनहर को मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया है. इसके चलते हर की पैड़ी पर गंगा जल की कमी हो गई है. इसके चलते यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान करने में दिक्कत आ रही है. साथ ही श्रद्धालु बिना स्नान के लौट रहे हैं. वहीं, इसका असर हर की पौड़ी पर गंगा किनारे लगाए दुकानदारों पर पड़ रहा है. श्रद्धालुओं के कम आने से उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. दो सप्ताह बाद ही ​दोबारा गंगा जल आपूर्ति शुरू हो पाएगी.

इसलिए बंद करना पड़ता है पानी 
वहीं, जिला प्रशासन की ओर से बताया कि हर साल गंगनहर में मरम्मत का कार्य किया जाता है. इसके चलते गंगनहर को बंद किया जाता है. यह नहर प्रणाली दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को पीने का पानी भी उपलब्ध कराती है. कई थर्मल पावर स्टेशनों (जैसे NTPC दादरी प्लांट) के साथ-साथ नदी पर बने कई जलविद्युत संयंत्रों को भी मदद पहुंचाती है. ऐसे में साल भर नहर चालू रहने के चलते इनके कई हिस्से पानी में डूबे रहते हैं. इनकी मरम्मत करने में दिक्कत आती है. इसलिए गंगनहर को बंद करना पड़ता है.

सरकार ने बनाई खास योजना 
वहीं, हरिद्वार में कुंभ का भी आयोजन होना है. ऐसे में उत्तराखंड सरकार कुंभ को लेकर कई योजनाओं पर काम कर रही है. गंगनहर का पानी बंद करने पर इन योजनाओं पर असर न पड़े, इसके लिए खास योजना बनाई गई है. सरकार ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर योजनाओं तक पानी पहुंचा रही है. गंगनहर बंद होने का इन योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.  

पश्चिमी यूपी के इन इलाकों में भी पड़ेगा असर
गंगनहर का असर पश्चिमी यूपी पर भी पड़ सकता है. मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर और दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में पेयजल और सिंचाई के लिए यहीं से की सप्लाई की जाती है. ऐसे में मरम्मत कार्य के चलते बंदी होने पर इन इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो सकती है. जल निगम ने लोगों से पानी का संयम इस्तेमाल करने की अपील की है. माना जा रहा है कि सभी काम समय पर पूरे कर लिए गए तो दीपावली की रात गंगनहर में दोबारा पानी छोड़ दिया जाएगा. 

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About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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