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CM धामी का शुद्धिकरण वाले विवाद पर राहुल गांधी को जवाब; बोले- उत्तराखंड में खड़गे की जाति कोई नहीं जानता

Haldwani Ramlila Maidan Vivad: सीएम धामी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन होकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण गंदगी के कारण स्थानीय संस्थाओं ने किया था, राज्य में जातिगत भेदभाव नहीं होता.

Written By Jyoti Kumari
Published: Aug 29, 2026, 06:36 PM IST | Updated: Aug 29, 2026, 06:43 PM IST
Image Credit: Haldwani Ramlila Maidan Vivad
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Mallikarjun Kharge Insult Controversy: हाल ही में उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया था कि हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान किया गया है.  राहुल गांधी का कहना था कि यह अपमान बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है.  इतना ही नहीं, उन्होंने इस मामले को लेकर काफी सख्त रुख अपनाया और यह चेतावनी भी दी थी कि इस घटना के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.  इसी बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई और सत्ता पक्ष को जवाब देने के लिए आगे आना पड़ा.

मुख्यमंत्री धामी का पलटवार
राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों के बाद, हल्द्वानी पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कांग्रेस पर जोरदार जुबानी हमला बोला.  मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास अब जनता के हित से जुड़ा कोई असली मुद्दा नहीं बचा है.  जनता का ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस अब बिना वजह की राजनीति कर रही है.  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस असल में शुद्धिकरण के इस पूरे मामले को जानबूझकर तूल दे रही है और समाज को बांटने वाली तुष्टिकरण की राजनीति का सहारा ले रही है.

रामलीला मैदान में शुद्धिकरण का असली कारण
इस पूरे विवाद की जड़ हल्द्वानी का रामलीला मैदान है, जहां कुछ समय पहले कांग्रेस का एक कार्यक्रम हुआ था.  मुख्यमंत्री धामी ने पूरी स्थिति को आसान शब्दों में समझाते हुए बताया कि रामलीला मैदान एक पवित्र और धार्मिक स्थल है.  उन्होंने बताया कि कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान वहां धर्म विरोधी नारे लगाए गए थे.  इसके अलावा, कार्यक्रम खत्म होने के बाद मैदान में बहुत ज्यादा गंदगी भी फैला दी गई थी.  इसी वजह से कुछ स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं ने अपनी इच्छा से उस धार्मिक मंच की साफ-सफाई और शुद्धिकरण किया.  मुख्यमंत्री ने यह बात विशेष रूप से साफ की कि इस सफाई अभियान और उन संस्थाओं का बीजेपी से कोई भी लेना-देना नहीं है.

उत्तराखंड में नहीं होता जातिगत भेदभाव
मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित जातीय अपमान के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम धामी ने एक बहुत अहम बात कही.  उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता बहुत ही सरल है.  यहां ज्यादातर लोगों को तो यह भी नहीं पता कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी किस जाति से ताल्लुक रखते हैं.  जब लोगों को उनकी जाति ही नहीं पता, तो उनके जातिगत अपमान का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.  मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जो सभी को अपने गले लगाता है. यहां के लोग आपस में मिल-जुलकर रहते हैं और राज्य में जाति या पार्टी के आधार पर किसी के साथ भी भेदभाव करने की कोई परंपरा नहीं है.  अंत में उन्होंने फिर दोहराया कि कांग्रेस को अब कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है, इसलिए वह जबरदस्ती विवाद पैदा कर रही है.

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About the Author

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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