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योगी सरकार का बड़ा फैसला: कोरोना काल में नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस होंगे, लिस्ट में ये नाम

Lucknow News: योगी सरकार ने जनप्रतिनिधियों को बड़ी राहत दी है. कोरोना काल में लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर दर्ज मुकदमे सरकार वापस लेने का फैसला ली है.

Written By Amitesh Pandey
Published: Sep 17, 2026, 03:59 PM IST | Updated: Sep 17, 2026, 04:06 PM IST
Image Credit: Manish Sisodia
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Lucknow News: यूपी की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. कोरोना काल के दौरान कोविड प्रोटोकॉल और लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. योगी सरकार ने ऐसे पुराने मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रदेश के 18 जिलों में मौजूदा और पूर्व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज 33 मामलों की पहचान की गई है. अब इन मुकदमों को वापस लिया जाएगा.

नेताओं पर दर्ज केस वापस लेगी सरकार 
खास बात ये है कि इन मुकदमों में कई चर्चित राजनीतिक नाम भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ में चार नेताओं के खिलाफ मामले हैं. इनमें नगीना के सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद का भी नाम शामिल है. इसके अलावा पूर्व विधायक वीरेश यादव, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह और पूर्व विधायक ठाकुर राकेश सिंह के नाम शामिल हैं. आगरा में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, शामली में नाहिद हसन, जौनपुर में नदीम जावेद समेत अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया गया है.

3 लाख मुकदमे दर्ज थे 
बता दें कि इससे पहले योगी सरकार व्यापारियों पर कोविड प्रोटोकाल और लाकडाउन उल्लंघन को लेकर दर्ज मुकदमे वापस ले चुकी है. आमजन के खिलाफ भी दर्ज मुकदमे वापस ले चुकी है. प्रदेश में करीब 3 लाख से ज्यादा मामले दर्ज थे, जो अब खत्म हो गए हैं. अब वर्तमान और पूर्व सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्यों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

लॉकडाउन के दौरान महामारी एक्ट लागू था
देश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लागू किया था. इस दौरान प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराने के लिए कड़ी बंदिशें लगाई गईं थीं. इनका उल्लंघन करने पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे. लॉकडाउन के दैरान महामारी एक्ट लागू था. लॉकडाउन के उल्लंघन से जुड़े मामलों में पुलिस ने धारा 188 के तहत मामले दर्ज किए थे. इसमें दो साल की सजा का प्रावधान था. 

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About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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