नोएडा बस आग घटना की हाई लेवल कमेटी करेगी जांच: योगी सरकार का बड़ा फैसला, बचने वालों ने सुनाया खौफनाक मंजर
Greater Noida bus fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई है. योगी सरकार ने हादसे का संज्ञान लिया है. सरकार ने हाई लेवल कमेटी का गठन किया है.
Yamuna Expressway Bus Fire Accident: ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने के मामले में यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दुख जताया है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने हाई लेवल कमेटी से जांच कराने की बात कही है. उन्होंने कहा कि हादसा कैसे हुआ और किस वजह से हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है. सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. वहीं, प्रदेश की सीमा पर एंट्री करने वाली प्रत्येक बसों की जांच करने के निर्देश दिए हैं.
दिल्ली से महोबा जा रही थी एसी बस
दिल्ली से महोबा जा रही एसी बस में बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लग गई. हादसे में 9 यात्रियों की जलकर मौत हो गई. वहीं, ग्रेटर नोएडा हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख जताया है. पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया है. सीएम योगी ने भी मुआवजे का ऐलान किया है. सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार की मदद का ऐलान किया है.
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
वहीं, नोएडा पुलिस ने तीन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इसमें दो ड्राइवर और कंडक्टर शामिल है. पुलिस के मुताबिक, बस पवन और विनोद चला रहे थे. योगेश कंडक्टर बताया जा रहा है. पवन कुमार कानपुर के रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के कनपटियापुर गांव का रहने वाला है. पवन पिछले करीब 15 वर्षों से ड्राइविंग कर रहा है और करीब पांच साल से बस चला रहा है. वह अपने परिवार के साथ नोएडा में किराये के मकान में रहता है. उसके परिवार में पत्नी और 13 साल का बेटा शुभम है. पवन के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है.
खौफनाक मंजर भुला नहीं पा रहे उरई के हासिर
जिस बस में आग लगी जालौन के उरई के लहरियापुरवा निवासी हासिर खान भी सफर कर रहे थे. हासिर खान ने बताया कि बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है. वह नोएडा से बस में सवार हुए थे. बस कुछ ही दूरी चली थी कि अचानक आग लगने की जानकारी हुई. उनके मुताबिक, आग लगने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर बस को रोककर बाहर निकल गए. इसके बाद यात्रियों के बीच जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई.
आग लगते ही ड्राइवर और कंडक्टर भागे
हासिर ने बताया कि बस में आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल रहा था. पीछे की सीटों पर बैठे यात्रियों के लिए हालात और भी भयावह हो गए थे. चारों तरफ धुआं और आग की लपटें उठ रही थीं. ऐसे में उन्होंने हिम्मत जुटाई और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया. उनके मुताबिक, उन्होंने करीब 13 से 14 लोगों को बस से बाहर निकालने में मदद की. इस दौरान उनकी अपनी जान भी खतरे में थी, लेकिन बस में फंसे लोगों की चीख-पुकार सुनकर वह उन्हें बचाने में जुटे रहे. हादसे के बाद से वह उस खौफनाक मंजर को भुला नहीं पा रहे हैं.