‘सिर्फ फोन लेकर बाहर निकली, जूते तक नहीं पहने’, बस अग्निकांड से बची महिला ने सुनाई दर्दनाक कहानी
Yamuna Expressway bus fire: ‘चारों तरफ धुआं ही धुआं था... कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.लोग एक-दूसरे को धक्का देकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।’ यमुना एक्सप्रेसवे पर बस अग्निकांड से बची महिला यात्री ने उस खौफनाक रात की आपबीती सुनाई. ‘सिर्फ फोन लेकर बाहर निकली, जूते तक नहीं पहने’, बस अग्निकांड से बची महिला ने सुनाई दर्दनाक कहानी.
Accident on yamuna expressway: ‘चारों तरफ धुआं ही धुआं था... कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। लोग एक-दूसरे को धक्का देकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।’ यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग से बची एक महिला यात्री ने उस खौफनाक रात की आपबीती सुनाई. महिला ने बताया कि वह गहरी नींद में थी, तभी किसी ने दरवाजा खटखटाकर उसे जगाया. आंख खुली तो बस में अफरातफरी मची थी और बाहर निकलने के लिए यात्री जद्दोजहद कर रहे थे.
हादसा बुधवार देर रात गौतमबुद्धनगर के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर एयरपोर्ट के पास हुआ. चलती टूरिस्ट बस में अचानक आग लग गई। हादसे में नौ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
‘सिर्फ फोन लेकर बाहर निकली, जूते तक नहीं पहने’
महिला यात्री ने बताया, ‘मैं सो रही थी, तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया. जब मैं जागी तो वहां पहले से ही बहुत भीड़ थी. मैंने अपना कोई सामान नहीं उठाया. यहां तक कि जूते भी नहीं पहने. बस अपना फोन लिया और बाहर निकल आई।’
महिला के मुताबिक, बाहर निकलने के दौरान यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हो रही थी. उसने बताया, ‘मुझे भी धक्के लगे और आखिरकार किसी ने मुझे बाहर खींच लिया. उसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं।’ महिला यात्री ने बताया कि बस के अंदर धुआं इतना ज्यादा भर गया था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. कई लोग दम घुटने से परेशान थे और हर कोई किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था.
‘मेरे पीछे भी कई लोग थे... शायद बाहर नहीं निकल पाए’
महिला ने कहा कि बहुत कम लोग ही उस अफरातफरी के बीच बाहर निकल सके। उनके मुताबिक, ‘जो लोग धक्का-मुक्की के बीच रास्ता बना पाए, वही बाहर निकल सके। मेरे पीछे भी काफी लोग थे, जो शायद बाहर नहीं निकल पाए। मैं खुद भी काफी देर बाद बाहर निकल पाई।’
एक अन्य यात्री ने बताया कि वह बस में सो रहा था, तभी किसी ने उसे जगाकर बस में आग लगने की जानकारी दी. इसके बाद यात्री बाहर निकलने के लिए भागे. उन्होंने बताया कि बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी और धुएं के कारण बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया था.
खिड़कियों से कूदकर बचाई जान
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 12 बजे बस नोएडा से लगभग 34 किलोमीटर आगे पहुंची थी. इसी दौरान बस में अचानक आग लग गई. आग का पता चलते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई.
ड्राइवर ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया. इसके बाद कई यात्री दरवाजे और खिड़कियों के रास्ते बाहर निकले. कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए.
बस के दस्तावेज मिले वैध
पुलिस की प्रारंभिक जांच में दुर्घटनाग्रस्त बस के फिटनेस, परमिट समेत अन्य दस्तावेज वैध पाए गए हैं.गौतमबुद्धनगर पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. यात्रियों के लिए तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उन्हें उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है. बस में आग किस वजह से लगी, फिलहाल इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
आग की लपटों में घिरी बस का वीडियो सामने आया
हादसे के बाद घटना का वीडियो भी सामने आया है. इसमें बस आग की तेज लपटों से घिरी नजर आ रही है. सूचना मिलते ही जेवर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया.
सीएम योगी ने लिया हादसे का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में हुए हादसे का संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर सीएम योगी ने मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है.
20 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित निकाला
गौतमबुद्धनगर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के मुताबिक, बस में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंच गई. रेस्क्यू टेंडर, जेवर टोल पर मौजूद फायर टेंडर और चार अन्य फायर टेंडर की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसके बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीम धुएं के बीच बस के अंदर पहुंची. तलाशी के दौरान 9 लोग मृत अवस्था में मिले। अधिकारियों के मुताबिक, इनकी मौत आग में जलने या दम घुटने से हुई.
AC में स्पार्क/ब्लास्ट से लगी आग
प्रारंभिक जांच में बस में आग लगने की वजह सामने आ गई है. मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, बस के AC में स्पार्क/ब्लास्ट होने के बाद इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लग गई, जिसने तेजी से पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. इससे पहले मौके पर मौजूद लोगों ने बस से पटाखे जैसी आवाजें आने की बात कही थी, लेकिन अब तक की प्रारंभिक जांच में आग की वजह AC में स्पार्क/ब्लास्ट और उसके बाद लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगना बताई गई है.
चालक-परिचालक हिरासत में
जेवर पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस मृतकों की पहचान कराने के प्रयास में जुटी है. घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.