संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी केस: परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की, लिखित शिकायत पर दर्ज होगी हत्या की FIR
Vrindavan Suicide Mystery: मथुरा पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी ने छत पर बेचैनी में टहलने के बाद कूदकर आत्महत्या की है. मृतक के परिजनों ने किसी पर सीधा आरोप न लगाते हुए केवल निष्पक्ष जांच की मांग की है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि अगर परिजन हत्या की लिखित शिकायत देते हैं, तो तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी.
Vrindavan Suicide Mystery/ ब्रजेश: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की संदिग्ध आत्महत्या का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है. मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले दीपक ने दो साल पहले वृंदावन आकर दीक्षा ली थी. वह श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से कुछ ही दूरी पर बने गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट में रह रहे थे.
25 सितंबर की सुबह साढ़े 10 बजे उन्होंने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. हालांकि, पुलिस जांच में सबसे बड़ा प्रश्न यह बना हुआ है कि छलांग लगाने से ठीक पहले कमरे में ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटने जैसा आत्मघाती कदम दीपक ने क्यों उठाया.
मामले पर क्या बोले एसएसपी श्लोक कुमार?
घटनास्थल और अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हुआ है कि कूदने से पहले रसिक दुलारी छत पर बेचैन हालत में घूम रहे थे. शुरुआती जांच के बाद मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज प्राथमिक तौर पर आत्महत्या की ओर ही इशारा कर रहे हैं. परिजनों ने फिलहाल किसी पर सीधा शक नहीं जताया है, बल्कि निष्पक्ष जांच की मांग की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर परिवार की ओर से हत्या की लिखित शिकायत दी जाती है, तो तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी.
परिजनों के आरोप पर दोबारा होगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की तफ्तीश तेज हो गई है. एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस हर संभावित बिंदु पर बारीकी से काम कर रही है. अब तक आश्रम के करीब तीन दर्जन लोगों और अलग-अलग शिष्यों के समूहों की अगुवाई करने वालों से पूछताछ की जा चुकी है. वहीं, परिजनों ने पहले आरोप लगाया था कि पिछले दो सालों में आश्रम प्रबंधन ने उन्हें दीपक से आसानी से मिलने नहीं दिया. इस सिलसिले में पुलिस ने स्वजनों को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है.
फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिका हुआ है. पुलिस ने दीपक के मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले खून के सैंपल को फोरेंसिक लैब भेजा है, जिसकी रिपोर्ट 7 से 8 दिनों में आने की उम्मीद है. मथुरा के SSP श्लोक कुमार का कहना है कि रिपोर्ट आते ही जांच को दिशा मिलेगी और जल्द ही इस खौफनाक कदम के पीछे की असल वजह सामने आ जाएगी.